ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Subsidy Scheme: बिहार में तालाब निर्माण पर 70% तक अनुदान: मछली पालन से बढ़ेगी किसानों की आय

On: जून 9, 2025 11:21 पूर्वाह्न
Follow Us:
Subsidy Scheme: बिहार में तालाब निर्माण पर 70% तक अनुदान: मछली पालन से बढ़ेगी किसानों की आय
Join WhatsApp Group

Subsidy Scheme: Up to 70% subsidy on pond construction in Bihar: Farmers’ income will increase through fish farming: बिहार सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए एक शानदार पहल शुरू की है।

“मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना” के तहत तालाब निर्माण पर 70% तक अनुदान दिया जा रहा है, जो किसानों, किसान समूहों और मत्स्य पालन उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर है।

इस योजना का लक्ष्य चौर क्षेत्रों को मछली पालन, कृषि, बागवानी और वानिकी के लिए एकीकृत रूप से विकसित करना है, ताकि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा हों और लोगों की आय में वृद्धि हो। इच्छुक लाभार्थियों को 31 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा, ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें।Subsidy Scheme

हरियाणा में मधुमक्खी पालन पर बीमा सुरक्षा लागू, 50 रुपये में मिलेगा 1250 रुपये तक का क्लेम | haryana-mukhyamantri-bagwani-bima-yojana-beekeeping-insurance-claim
हरियाणा में मधुमक्खी पालन पर बीमा सुरक्षा लागू, 50 रुपये में मिलेगा 1250 रुपये तक का क्लेम

इस योजना के तहत तालाब निर्माण के लिए तीन अलग-अलग मॉडल तैयार किए गए हैं। पहले मॉडल में एक हेक्टेयर में दो तालाब बनाने की लागत 8.88 लाख रुपये है, दूसरे में चार तालाबों के लिए 7.32 लाख रुपये, और तीसरे में एक तालाब के साथ भूमि विकास के लिए 9.69 लाख रुपये का खर्च आएगा।

सामान्य वर्ग के किसानों को 50% तक अनुदान मिलेगा, जबकि अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 70% तक सब्सिडी उपलब्ध है। उद्यमियों को 40% तक अनुदान दिया जाएगा। यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनके पास मछली पालन का अनुभव या प्रशिक्षण है, क्योंकि उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, भूमि स्वामित्व दस्तावेज या लीज एग्रीमेंट, और उद्यमियों के लिए पैन कार्ड व जीएसटी पंजीकरण जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। ऑनलाइन आवेदन बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट fisheries.bihar.gov.in पर जमा किए जा सकते हैं। योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट पर राज्यादेश संख्या 1992 (7 मई 2025) देखा जा सकता है। यह योजना न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास को भी बढ़ावा देगी।

गेहूं-सरसों की बिजाई पर नहीं होगी डीएपी की किल्लत, हरियाणा पहुंचा खाद का नया रैक | haryana-fertilizer-supply-dap-urea-rabi-crops-wheat-mustard-sowing
गेहूं-सरसों की बिजाई पर नहीं होगी डीएपी की किल्लत, हरियाणा पहुंचा खाद का नया रैक

यह पहल बिहार के किसानों और उद्यमियों के लिए एक नई राह खोल रही है। मछली पालन के जरिए न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। समय रहते आवेदन करके इस योजना का लाभ उठाएं और अपने भविष्य को समृद्ध बनाएं।

हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सीधे जुड़ेंगे मुंद्रा पोर्ट से, 120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां | amritsar-jamnagar-economic-corridor-route-map-travel-time-completion-date
हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सीधे जुड़ेंगे मुंद्रा पोर्ट से, 120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment