Sunflower Purchase 2025 Sell the crop at MSP in Haryana till July 3 Haryana mein Surajmukhi ki khareed: सूरजमुखी खरीद 2025 में हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी है! बारिश की मार ने फसल कटाई में अड़चन डाली, लेकिन सरकार ने बड़ा दिल दिखाते हुए सूरजमुखी की खरीद अवधि को 3 जुलाई तक बढ़ा दिया। यानी, अब किसानों को अपनी मेहनत का पूरा दाम मिलने का और समय है। हरियाणा में 47,300 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद हो चुकी है, और 18,000 से ज्यादा किसानों ने ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। आइए, जानते हैं कि यह फैसला किसानों के लिए क्यों है गेम-चेंजर और कैसे उठाएं इसका फायदा।
Sunflower Purchase 2025: खरीद अवधि बढ़ी
हरियाणा सरकार ने सूरजमुखी खरीद की समयसीमा को तीन दिन बढ़ाकर 3 जुलाई तक कर दिया। बारिश के कारण कई किसान अपनी फसल मंडियों तक नहीं पहुंचा पाए थे। अब यह अतिरिक्त समय उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने का मौका देगा। सरकार ने MSP 7,280 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो बाजार भाव (6,400-6,500 रुपये) से कहीं ज्यादा है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फल मिले।
मंडियों में तेजी से हो रही खरीद
सूरजमुखी खरीद 2025 के लिए हरियाणा के पांच जिलों अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और यमुनानगर की 17 मंडियों में हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन काम कर रहे हैं। अंबाला शहर, करनाल, थानेसर, शाहबाद, बरवाल जैसे इलाकों में खरीद जोरों पर है। इस साल 47,300 मीट्रिक टन सूरजमुखी खरीदी जा चुकी है, जो पिछले साल के 38,903 मीट्रिक टन से कहीं ज्यादा है। भारत सरकार ने 8,883 टन खरीद की मंजूरी दी है, और मंडियों में यह प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।
मेरी फसल मेरा ब्योरा
‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है। इस साल 18,166 किसानों ने इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया, जिससे उन्हें MSP पर फसल बेचने में आसानी हुई। हरियाणा में इस बार 76,785 एकड़ में सूरजमुखी की बिजाई हुई, और अनुमान है कि 44,062 टन का उत्पादन होगा। यह पोर्टल न सिर्फ पारदर्शिता लाता है, बल्कि किसानों को सीधे सरकारी योजनाओं से जोड़ता है। अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया, तो जल्दी करें!
किसानों के लिए राहत
सूरजमुखी खरीद 2025 का यह फैसला उन किसानों के लिए बड़ी राहत है, जो बारिश के कारण परेशान थे। सरकार का यह कदम न सिर्फ आर्थिक नुकसान से बचाएगा, बल्कि किसानों का भरोसा भी बढ़ाएगा। हैफेड और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की सक्रियता से खरीद प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो रही है। यह कदम हरियाणा के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। तो, देर न करें—3 जुलाई तक अपनी फसल मंडी पहुंचाएं और MSP का लाभ उठाएं!













