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Traditional Farming: राजस्थान में परंपरागत खेती को बढ़ावा: बैलों से खेती करने वालों को 30,000 रुपये की वार्षिक सहायता

On: जून 8, 2025 12:30 अपराह्न
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Traditional Farming: राजस्थान में परंपरागत खेती को बढ़ावा: बैलों से खेती करने वालों को 30,000 रुपये की वार्षिक सहायता
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Traditional Farming: Promotion of traditional farming in Rajasthan: Annual assistance of Rs 30,000 to those who farm with oxen:  राजस्थान सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक नई और प्रेरणादायक योजना शुरू की है, जो परंपरागत खेती को नया जीवन देगी।

इस योजना के तहत, बैलों से खेती करने वाले लघु और सीमांत किसानों को हर साल 30,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि पशुधन पर आधारित खेती को बढ़ावा देकर पर्यावरण-अनुकूल कृषि को भी प्रोत्साहित करेगी। यह योजना उन किसानों के लिए वरदान साबित होगी जो आधुनिक मशीनों के बजाय पारंपरिक तरीकों से खेती करते हैं।Traditional Farming

मुख्यमंत्री बजट 2025-26 के तहत शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास एक जोड़ी बैल और तहसीलदार द्वारा प्रमाणित लघु या सीमांत किसान का प्रमाण पत्र होना जरूरी है।

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इसके अलावा, बैलों का पशु बीमा और पशु चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी अनिवार्य है। खास बात यह है कि मंदिर की जमीन पर खेती करने वाले पुजारी और वनाधिकार पट्टा धारक जनजातीय किसान भी इस योजना के लिए पात्र होंगे, बशर्ते उनके पास सभी जरूरी दस्तावेज हों।

आवेदन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है। किसान राजकिसान साथी पोर्टल या नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से जनाधार संख्या के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज जैसे किसान और बैलों की संयुक्त तस्वीर, बैलों की बीमा पॉलिसी, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, 100 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पर शपथ पत्र, और लघु/सीमांत प्रमाण पत्र अपलोड करने होंगे। यह प्रक्रिया डिजिटल रूप से संचालित होगी, जिससे किसानों को बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ मिल सके।

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यह योजना राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत खेती को पुनर्जनन देने का एक शानदार प्रयास है। यह न केवल छोटे किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि पशुधन संरक्षण और टिकाऊ खेती को भी प्रोत्साहन देगी। सरकार की इस पहल से ग्रामीण समुदायों में आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राजस्थान की कृषि संस्कृति और मजबूत होगी।

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भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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