Bhakra Nangal Dam Dispute , Abhay Chautala targeted Bhagwant Mann, warned to take to the streets for Haryana’s water: हरियाणा और पंजाब के बीच जल बंटवारे का विवाद अब और गहरा गया है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस फैसले की कड़ी निंदा की, जिसमें नंगल बांध के कंट्रोलिंग स्टेशन पर ताला लगाया गया।
चौटाला ने इसे संघीय ढांचे पर हमला और गंभीर अपराध करार देते हुए सीबीआई जांच की मांग की। यह विवाद हरियाणा के किसानों और आम लोगों के लिए पानी की लड़ाई को और तेज करता है।
नंगल बांध पर ताला: अभय चौटाला का गुस्सा Bhakra Nangal Dam Dispute
अभय चौटाला ने भगवंत मान के फैसले को अभूतपूर्व और हरियाणा के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार हिमाचल से आने वाले पानी पर पंजाब ने ताला लगाया है।
यह न केवल हरियाणा के पानी के हक को छीनने की कोशिश है, बल्कि भारत के संघीय ढांचे को भी कमजोर करता है। चौटाला ने मांग की कि भगवंत मान के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए।
उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में अर्धसैनिक बल तैनात करने की मांग की। साथ ही, पंजाब पुलिस को BBMB से हटाने और हरियाणा की ओर से तकनीकी सदस्य की तुरंत नियुक्ति की बात कही।
चौटाला ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो कानूनी स्थिति बिगड़ सकती है और इनेलो हरियाणा की जनता के साथ सड़कों पर उतरेगी।
हरियाणा में पानी का संकट
हरियाणा में पानी की कमी ने किसानों और आम लोगों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। चौटाला ने कहा कि खेतों की सिंचाई और पेयजल की जरूरतों के लिए पानी की कमी से चारों तरफ हाहाकार मचा है। उन्होंने पंजाब सरकार पर हरियाणा विधानसभा चुनाव में किए वादों से मुकरने का आरोप लगाया।
चौटाला के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने चुनाव में हरियाणा को उसका हक का पानी देने का वादा किया था, लेकिन अब हार की हताशा में पानी रोककर अपनी खीज निकाल रहे हैं।
सियासी दलों का दोहरा चरित्र
चौटाला ने बीजेपी, कांग्रेस और आप पर पंजाब में हरियाणा के पानी को रोकने के लिए एकजुट होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये दल हरियाणा में पानी के हक की बात तो करते हैं, लेकिन पंजाब में इस मुद्दे पर चुप्पी साध लेते हैं। यह दोहरा चरित्र हरियाणा की जनता के सामने बेनकाब हो चुका है।
चौटाला ने जोर देकर कहा कि इनेलो हरियाणा के हक के लिए लड़ाई जारी रखेगी और जनता के साथ मिलकर हरसंभव कदम उठाएगी।
हरियाणा का हक और भविष्य
यह विवाद सिर्फ पानी के बंटवारे तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा के किसानों, उनकी आजीविका और राज्य की गरिमा से जुड़ा है।
अभय चौटाला का यह बयान हरियाणा की जनता में एक नई उम्मीद जगाता है कि उनका हक छीना नहीं जाएगा। क्या केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करेगी, या यह विवाद सड़कों पर उतरकर और गहराएगा? यह सवाल हरियाणा के हर कोने में गूंज रहा है।












