चंडीगढ़, 18 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। Haryana EV Policy: हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विभाग ने एक बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाया है। परिवहन मंत्री अनिल विज ने घोषणा की है कि राज्य में चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए सरकार जल्द ही 500 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रही है।
हरियाणा के गृह एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने सोमवार को चंडीगढ़ में एक हाई-प्रोफाइल कैबिनेट बैठक से पूर्व मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए बताया कि राज्य में ‘इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति’ लाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सरकार का मुख्य फोकस आम आदमी को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करना है, जिसके लिए टैक्स ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया है।
दिल्ली-चंडीगढ़ की तर्ज पर मिलेगी राहत
परिवहन मंत्री अनिल विज ने साफ किया कि यदि इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो हरियाणा के वाहन खरीदारों को चंडीगढ़ और दिल्ली की तरह इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से मुक्ति मिल जाएगी। टैक्स में इस भारी कटौती से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और कारों की ऑन-रोड कीमत में जबरदस्त गिरावट आएगी, जिससे सीधे तौर पर आम जनता का रुझान पेट्रोल-डीजल की महंगी गाड़ियों को छोड़कर पर्यावरण अनुकूल ईवी (EV) सेगमेंट की तरफ तेजी से बढ़ेगा। इससे आम आदमी के ईंधन का खर्च भी बचेगा और शहरों में बढ़ता प्रदूषण भी कम होगा।
रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी 500 शानदार इलेक्ट्रिक बसें
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए अनिल विज ने जानकारी दी कि राज्य सरकार बहुत जल्द 500 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रही है। इन बसों को मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर के रूटों, गुरुग्राम, फरीदाबाद और राज्य के अन्य प्रमुख शहरों के स्थानीय रूटों पर चलाया जाएगा ताकि दैनिक यात्रियों को प्रदूषण मुक्त और आरामदायक सफर मिल सके। जब मीडिया ने कैबिनेट के एजेंडे को लेकर सवाल पूछा तो विज ने कहा कि कैबिनेट में किसी भी प्रस्ताव को अंतिम रूप से लाने का विशेष विशेषाधिकार केवल मुख्यमंत्री के पास होता है और वही अंतिम निर्णय लेते हैं।
डिजिटल गवर्नेंस पर जोर
प्रशासनिक सुधारों और विभागों के बीच काम करने के तरीके पर बात करते हुए परिवहन मंत्री ने बताया कि अब फाइलों को लटकाने का दौर खत्म हो चुका है। विभिन्न सरकारी विभागों के बीच त्वरित निर्णय लेने के लिए लगातार वर्चुअल बैठकों (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा बहुत से जरूरी प्रशासनिक और जनहित से जुड़े कार्य अब सीधे टेलीफोनिक संवाद के माध्यम से भी तुरंत संपन्न हो जाते हैं, जिससे समय की बचत हो रही है और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में तेजी आई है।
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