Digital Arrest Fraud Cyber Fraud: कर्नाटक के मंगलूरु में 79 साल की एक बुजुर्ग महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगों ने फंसाया।
एक-दो हजार या लाख नहीं, पूरे 17 लाख रुपये की ठगी हुई, लेकिन मंगलूरु सिटी पुलिस की फुर्ती से कुछ ही दिनों में दादी की मुस्कान लौट आई और सारा पैसा वापस मिल गया।
डीसीपी (कानून और व्यवस्था) मिथुन एचएन ने बताया कि पीड़िता ने गोल्डन आवर में पुलिस को खबर की, जिससे तुरंत एक्शन हुआ और ठग का बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिया। सिर्फ चार दिनों में पूरा पैसा दादी के अकाउंट में जमा हो गया।
क्या है पूरा मामला Digital Arrest Fraud
ये वाकया 23 अक्टूबर का है जब बेजई की बुजुर्ग महिला को अनजान नंबर से कॉल आया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलर ने खुद को पुलिस अफसर बताया और कहा कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट है।
धमकी दी कि वेरिफिकेशन के लिए 17 लाख रुपये एक बैंक अकाउंट में जमा करें वरना गिरफ्तार हो जाएंगी। साथ ही किसी को बताने की मनाही की।
5 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रही बुजुर्ग महिला
ठग ने खुद को पुलिस अफसर बताकर वॉट्सएप कॉल पर दादी को 5 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। दादी के पास यूपीआई ऐप नहीं था, इसलिए ठग ने बैंक जाकर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तोड़ने और पैसे ट्रांसफर करने को कहा। दादी ने 17 लाख रुपये ठग के अकाउंट में डाल दिए।
ठग का खाता किया फ्रीज
बाद में पड़ोसी को शक हुआ तो वो दादी को पुलिस स्टेशन ले गए और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। पुलिस ने फौरन ठग के अकाउंट में 17 लाख फ्रीज कर दिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अक्टूबर को कोर्ट ऑर्डर से फ्रीज पैसा दादी के अकाउंट में वापस जमा हुआ। डीसीपी मिथुन एचएन ने लोगों को अलर्ट रहने को कहा। बोले, ऐसे घोटालों से बचें। साइबर अटैक हो तो तुरंत 1930 डायल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन जाएं। पुलिस या कोई सेंट्रल एजेंसी ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ नहीं करती।













