IPS Suicide Case: चंडीगढ़: चंडीगढ़ में IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में सातवें दिन भी पोस्टमार्टम को लेकर गतिरोध बना हुआ है। मृतक की पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार और उनके परिजन पोस्टमार्टम के लिए सहमत नहीं हैं।
चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस ने सारी तैयारियां कर रखी थीं, लेकिन परिवार की असहमति ने इन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब पुलिस इस मामले में कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी में है। संदिग्ध मौत के मामलों में पोस्टमार्टम जरूरी होता है। अगर परिवार मंजूरी नहीं देता, तो जांच टीम CrPC की धारा 174 और 175 के तहत कार्रवाई कर सकती है या मैजिस्ट्रेट से आदेश ले सकती है। घटनास्थल के सबूतों का विश्लेषण जांच के लिए बेहद जरूरी है।
राहुल गांधी का चंडीगढ़ दौरा IPS Suicide Case
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 14 अक्टूबर को चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। वह स्वर्गीय IPS पूरन कुमार को श्रद्धांजलि देंगे और उनके परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करेंगे। खबर थी कि सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी उनके घर जा सकती हैं, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई। इस दौरे से मामला और संवेदनशील हो सकता है।
IPS पूरन कुमार की आत्महत्या
पूरन कुमार ने आत्महत्या कर ली थी, जब वह रोहतक पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में IG के पद पर तैनात थे। मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने कुछ सीनियर अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
उनकी पत्नी अमनीत पी. कुमार ने हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SSP नरेंद्र बिजारनिया और अन्य अधिकारियों पर उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। उनकी शिकायत पर 13 अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
सरकार का बड़ा एक्शन
इस मामले में हरियाणा सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। रोहतक के SSP नरेंद्र बिजारनिया को पद से हटा दिया गया और उनकी जगह सुरिंदर सिंह भोरिया को नया SSP बनाया गया।
बिजारनिया को अभी कोई नया पद नहीं दिया गया है। इसके अलावा, DGP शत्रुजीत कपूर को भी लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा, “सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी। चाहे कोई कितना भी बड़ा अधिकारी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।” इस केस ने हरियाणा पुलिस में खलबली मचा दी है।













