Luxury Car Theft Hacked from Dubai: दिल्ली पुलिस ने एक हाईटेक कार चोर गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो महंगी और लग्जरी कारों को चुराने में माहिर थी। यह गैंग दिल्ली में चोरी को अंजाम देता था, लेकिन इसका मास्टरमाइंड दुबई में बैठकर ऑपरेशन चलाता था। ये चोर सिर्फ उन कारों को निशाना बनाते थे, जिनमें एडवांस्ड सिक्योरिटी सिस्टम लगा होता था। आइए जानते हैं, कैसे ये गैंग हाईटेक तरीके से कारें चुराता था और पुलिस ने कैसे इसका पर्दाफाश किया।
ऐसे हैक करते थे सिक्योरिटी कोड
दिल्ली पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने खुलासा किया कि यह गैंग पहले किसी लग्जरी कार को चुनता था। फिर कार की रियर विंडस्क्रीन पर लगे होलोग्राम की फोटो खींचता, जिसमें एक यूनिक सिक्योरिटी कोड होता था। यह फोटो दुबई में बैठे गैंग के टेक्निकल एक्सपर्ट को भेजी जाती थी। वहां से एक्सपर्ट कोड को हैक कर नया कोड बनाकर वापस भेजता था। इसके बाद चोर कार का शीशा तोड़कर मशीन से नया कोड डालते और गाड़ी स्टार्ट कर लेते। फिर GPS सिस्टम को 1 लाख रुपये के जैमर से ब्लॉक कर देते, ताकि मालिक को कोई अलर्ट न जाए। इसके बाद गाड़ी लेकर दूसरे राज्यों में फरार हो जाते थे।
इन कारों को बनाते थे निशाना
चोरों का निशाना Toyota Fortuner, Innova, Hyundai Creta और Kia Seltos जैसी महंगी गाड़ियां थीं। इसके लिए गैंग 1 लाख रुपये का GPS जैमर, 1.8 लाख की प्रोग्रामिंग मशीन और 1 लाख की की-मेकिंग मशीन जैसे महंगे टूल्स का इस्तेमाल करता था। ये हाईटेक गैजेट्स उनकी चोरी को और आसान बनाते थे।
होलोग्राम स्टिकर का खेल
लग्जरी कारों की रियर विंडशील्ड पर होलोग्राफिक सिक्योरिटी कोड वाला स्टिकर लगाया जाता है, जिसमें कार की तकनीकी जानकारी और हाई-सिक्योरिटी कोड होता है। यह स्टिकर हर मोटर वाहन के लिए जरूरी होता है। चोर इसी स्टिकर की फोटो खींचकर कोड हैक करते और गाड़ी की एडवांस्ड सिक्योरिटी को बायपास कर लेते।
लग्जरी कारों के हाईटेक फीचर्स
महंगी कारों में कई ऑटोमेटिक और हाईटेक फीचर्स होते हैं, जैसे बिना चाबी या रिमोट के ऑपरेशन और मोबाइल ऐप से कंट्रोल। हर कार की एक यूनिक ID और कोड होता है। इनमें एडवांस्ड एन्क्रिप्शन, रोलिंग कोड और रिले अटैक प्रोटेक्शन जैसे सिक्योरिटी फीचर्स होते हैं, जो चोरी को मुश्किल बनाते हैं। फिर भी, यह गैंग इन सिस्टम्स को चकमा देने में कामयाब रहा।













