यमुनानगर (Yamunanagar Rice Mill Scam): यमुनानगर में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सात राइस मिलों में करीब 75 करोड़ रुपये के धान का भयंकर घोटाला पकड़ा है। अब विभाग ने सख्ती दिखाते हुए राइस मिलर संदीप सिंगला और उनकी पत्नी रितिका सिंगला की सारी संपत्तियां अटैच करने का फैसला किया है। इसके लिए निदेशक ने डीएफएससी को पत्र लिख दिया है। जल्द ही राजस्व विभाग इनके घर, मिलों और दूसरे प्रतिष्ठानों की पूरी लिस्ट तैयार करेगा।
कौन हैं आरोपी दंपती और कहां-कहां हैं उनकी मिलें?
मांडखेड़ी रोड निवासी संदीप सिंगला और रितिका सिंगला सातों राइस मिलों में पार्टनर हैं।
प्रतापनगर में 4 मिलें: अंजनी नंदन एग्रो फूड्स, मैसेज बद्री विशाल एग्रो फूड्स, मोरवी नंदन एग्रो फूड्स और श्री जी एग्रो फूड्स
रणजीतपुर में 2 मिलें
छछरौली में 1 मिल
इन सभी मिलों में सरकारी धान की भारी कमी पाई गई है।
कितना धान गायब हुआ, देखकर रह जाएंगे हैरान!
प्रतापनगर की चार मिलों में 17,474 मीट्रिक टन धान कम मिला, जिसकी कीमत करीब 45 करोड़ रुपये है। खुद निदेशक अंशज सिंह ने इन मिलों का दौरा करके जांच की थी।
छछरौली की सिंगला एग्रो फूड में 3995 मीट्रिक टन धान दिया गया था, लेकिन सिर्फ 850 मीट्रिक टन ही मिला – यानी 3145 मीट्रिक टन गायब!
रणजीतपुर की श्रीश्री बाला जी एग्रो में 5992 मीट्रिक टन में से 3542 मीट्रिक टन धान गोल!
कुल मिलाकर सातों मिलों से 75 करोड़ का धान गायब!
अफसरों की भी खुली पोल, नींद उड़ी फूड इंस्पेक्टरों की
अब सवाल ये उठ रहे हैं कि इतना सारा धान (24,161 मीट्रिक टन = 5 लाख से ज्यादा बैग) आंखों के सामने कैसे गायब हो गया? इतने बैग तो एक कमरे या ग्राउंड में भी नहीं समा सकते। मंडी से मिल तक धान गया भी या नहीं? कहीं फर्जी गेट पास तो नहीं काटे गए? जांच के दायरे में अब फूड इंस्पेक्टर और दूसरे अफसर भी आ गए हैं।
डीएफएससी जतिन मित्तल ने बताया, “संदीप सिंगला और रितिका सिंगला की सारी संपत्तियां अटैच होंगी। निदेशक का पत्र आ गया है। इसे डीसी को भेजेंगे और फिर जब्ती की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।”













