टीवी रियलिटी शो बिग बॉस 19 खत्म होने के बाद भी इससे जुड़े कंटेस्टेंट लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अब शो की पूर्व वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट मालती चाहर ने एक लाइव बातचीत में यह साफ किया है कि शो के दौरान तान्या मित्तल के साथ उनका टकराव निजी नहीं बल्कि शो की रणनीति का हिस्सा था। इस बयान ने रियलिटी टीवी में कंटेंट निर्माण और नैरेटिव सेटिंग को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला
मालती चाहर ने बिग बॉस 19 में वाइल्ड कार्ड एंट्री के साथ ही तान्या मित्तल पर सीधे सवाल उठाए थे। शो के कई एपिसोड में दोनों के बीच तीखी बहस और मतभेद देखने को मिले। उस समय दर्शकों के एक वर्ग ने मालती के रवैये को आक्रामक माना, जबकि सोशल मीडिया पर तान्या को लेकर ट्रोलिंग भी तेज हो गई थी।
अब शो खत्म होने के बाद मालती ने लाइव फीड में बताया कि शुरुआती दिनों में उनका यह रुख मेकर्स के साथ पहले से तय बातचीत का हिस्सा था।
मालती चाहर ने क्या कहा
लाइव बातचीत के दौरान मालती चाहर ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से कभी भी तान्या मित्तल को निशाना नहीं बनाना चाहती थीं। उनके अनुसार शो में उस वक्त कंटेंट में बदलाव और नई दिशा लाने की जरूरत थी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि
शुरुआत में जो कुछ किया गया वह शो की जरूरत के हिसाब से था
लेकिन बाद के हफ्तों में उन्होंने खुद को पूरी तरह असली रूप में रखने की कोशिश की
मालती ने स्वीकार किया कि अगर उन्होंने पहले से यह सोचा होता कि उनके व्यवहार को किस तरह के नैरेटिव में ढाला जाएगा, तो शायद वह हालात को बेहतर तरीके से संभाल पातीं।
रियलिटी शोज में नैरेटिव क्यों बनता है
टीवी इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे चलने वाले रियलिटी शोज में दर्शकों की रुचि बनाए रखने के लिए किरदारों के बीच टकराव और कहानी की दिशा तय की जाती है।
मीडिया एनालिस्ट के अनुसार
हर सीजन में मेकर्स को नए एंगल और चर्चा वाले मुद्दे चाहिए होते हैं
वाइल्ड कार्ड एंट्री का मकसद अक्सर गेम की गति बदलना होता है
हालांकि कंटेस्टेंट के लिए यह संतुलन बनाना मुश्किल हो जाता है कि कहां शो खत्म होता है और निजी छवि शुरू होती है।
परिवार और निजी सोच पर असर
मालती चाहर ने यह भी साझा किया कि उनके परिवार में कोई नियमित रूप से बिग बॉस नहीं देखता था। वह खुद भी शो में जाने से पहले इस बात के लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार नहीं थीं कि हर कदम का विश्लेषण होगा।
उनका मानना है कि रियलिटी शोज में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को
पब्लिक परसेप्शन और सोशल मीडिया रिएक्शन
दोनों के लिए पहले से रणनीति बनानी चाहिए
दर्शकों की राय में बदलाव
शो के बाद धीरे धीरे दर्शकों का नजरिया बदलता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स अब यह मान रहे हैं कि मालती को एक तय भूमिका में देखा गया था और बाद में उनकी बातों को संदर्भ से अलग समझा गया।
मालती का कहना है कि
अब लोग उनकी साइड को भी समझने लगे हैं
और यही उनके लिए सबसे बड़ी राहत है
क्यों अहम है यह खुलासा
यह मामला सिर्फ दो कंटेस्टेंट्स के बीच विवाद तक सीमित नहीं है। यह सवाल उठाता है कि
रियलिटी शोज में असलियत कितनी होती है
कंटेस्टेंट की छवि कितनी हद तक कंट्रोल की जाती है
दर्शकों के लिए यह समझना जरूरी है कि स्क्रीन पर दिखने वाली हर कहानी पूरी तरह स्वतःस्फूर्त नहीं होती।
आगे क्या
मालती चाहर फिलहाल नए प्रोजेक्ट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने की तैयारी कर रही हैं। वहीं बिग बॉस जैसे शोज को लेकर दर्शकों के बीच पारदर्शिता की मांग एक बार फिर तेज हो गई है।













