करनाल (Dunki Route): कतलाहेड़ी गांव का 22 साल का रिद्धम अमेरिका का ख्वाब देखकर घर से निकला था, लेकिन 11 महीने अमेरिका की जेल में काटने के बाद डिपोर्ट होकर वापस पहुंच गया। अमेरिका पहुंचने के लिए उसने एजेंट को 55 लाख रुपये दिए थे। एजेंट ने खतरनाक डंकी रूट से भेजा, जहां तीन महीने तक जंगल और पहाड़ों में भटकना पड़ा। आखिरकार अमेरिका पहुंचे तो पुलिस ने पकड़ लिया और जेल भेज दिया। 2 अक्टूबर को करनाल लौटे। अब एजेंट सिर्फ 5 लाख रुपये लौटाने की बात कह रहा है। परिवार ने करनाल एसपी गंगाराम पूनिया से मिलकर एक्शन की मांग की है।
एजेंट का झांसा, जमीन बेचकर दिए पैसे
कतलाहेड़ी गांव के रिद्धम ने बताया कि एजेंट ने सुरक्षित अमेरिका भेजने का वादा किया था। बदले में 55 लाख रुपये मांगे। रिद्धम ने अपनी जमीन बेचकर पैसे जुटाए। गांव के विनोद के जरिए पानीपत के अहर गांव के प्रवीन कुमार नाम के एजेंट से संपर्क हुआ। 6 अगस्त 2024 को दिल्ली से फ्लाइट पकड़ी और दक्षिण अमेरिका के गुयाना पहुंचे।
डंकी रूट का खतरनाक सफर
एयरपोर्ट बाहर मिले डोंकर ने डंकी रूट से आगे बढ़ाया। कोलंबिया में समुद्र, पनामा के जंगल, पहाड़ और नदियां पार करते हुए 2 नवंबर 2024 को अमेरिका बॉर्डर पहुंचे। उसी दिन मैक्सिको-अमेरिका दीवार पार की। दीवार पार करते ही अमेरिकी पुलिस ने पकड़ लिया और डिटेंशन कैंप में डाल दिया। 11 महीने बाद भारत डिपोर्ट कर दिया।
तीन महीने बिना रुके सफर, भूख-प्यास सहते रहे
रिद्धम ने बताया कि अमेरिका तक तीन महीने लगातार सफर किया। कई बार भूखे रहे। 11 महीने जेल के बाद 17 अगस्त 2025 को डिपोर्टेशन शुरू हुआ। एजेंसी की फ्लाइट दिसंबर में मिलनी थी, लेकिन खुद टिकट बुक कर 2 अक्टूबर को भारत लौट आए। इस दौरान मानसिक तनाव झेला, परिवार आर्थिक रूप से बर्बाद हो गया। अब दोबारा विदेश जाने का विचार नहीं। एजेंट ने कहा था सीधी फ्लाइट से भेजेंगे।
Dunki Route: जिले में हर साल 40 करोड़ की ठगी
जिले में विदेश भेजने के नाम पर हर साल करीब 100 केस आते हैं। ज्यादातर डंकी रूट से अमेरिका के। हर युवक से 40-55 लाख लिए जाते हैं। डिपोर्ट होने पर पैसे वापस नहीं मिलते। करनाल में सालाना 40 करोड़ की धोखाधड़ी। कुछ शिकायत करते हैं, कुछ एजेंट थोड़े पैसे लौटाते हैं। ज्यादातर एजेंट गायब हो जाते हैं।













