कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के चलते पवित्र ब्रह्मसरोवर तट शनिवार से ही लोक कला एवं संस्कृति के रंगों में रंगा दिखाई देगा। शिल्प व सरस मेले के शुभारंभ के बाद विभिन्न राज्यों से आने वाले कलाकार न केवल धमाल मचाएंगे बल्कि अपनी-अपनी लोक कलाओं से भी रूबरू करेंगे। ब्रह्मसरोवर तट पर संस्कृति एवं कला की बयार बहेगी। महोत्सव के तहत शिल्प व सरस मेले का शुभारंभ राज्यपाल असीम घोष की ओर से किया जाएगा जिसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व जिला प्रशासन ने विशेष तैयारी की है।
ब्रह्मसरोवर पर लोक संस्कृति का धमाल
ब्रह्मसरोवर तट पर महोत्सव से एक दिन पहले ही देशभर की शिल्पकला सजने लगी। दूर-दराज से शिल्पकार एक दिन पहले शुक्रवार को ही ब्रह्मसरोवर तट पर पहुंच गए और स्टॉलें भी दिनभर सजाई गई। अगले 21 दिन तक ब्रह्मसरोवर व पूरा शहर महोत्सव के रंग में रंगा रहेगा।
शिल्प मेले में एनजैडसीसी की तरफ से देशभर के शिल्पकारों को आमंत्रित किया गया है। इन शिल्पकारों में राष्ट्रीय अवार्डी, राज्य अवार्डी और अन्य राज्यों के मेरिट प्रमाणपत्र हासिल करने वाले शिल्पकार शामिल हैं।
इन कलाकारों के ठहरने, खाने की व्यवस्था कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की तरफ से की गई है और ब्रह्मसरोवर की सदरियों में इन शिल्पकारों को स्थान दिया जाएगा।इसके साथ ही डीआरडीए की तरफ से 19 राज्यों के सेल्फ हेल्प ग्रुप और बेहतरीन शिल्पकारों को आमंत्रित किया गया है। वहीं प्रदेश के हर जिले से शिल्पकार पहुंचेंगे।
200 से ज्यादा कलाकार आमंत्रित
ब्रह्मसरोवर के घाटों पर पर्यटकों और दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ-साथ अपने-अपने राज्यों की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू करवाने के लिए 200 से ज्यादा कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। यह कलाकार ब्रह्मसरोवर की अलग-अलग दिशाओं में बने घाटों के साथ-साथ ब्रह्मसरोवर के चारों तरफ दशकों के बीच कला का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पुरुषोत्तमपुरा बाग के मुख्य मंच पर दिन और रात्रि के समय भी अपना प्रदर्शन करेंगे।












