चंडीगढ़ में चल रहे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन से पहले तीसरे दिन सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर जोरदार बहस हुई। बुढ़ापा पेंशन, गुरु रविदास मंदिर और स्विमिंग पूल निर्माण की मांग को लेकर तीखी चर्चा देखने को मिली। इसी दौरान प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक अहम घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री खेत-खलिहान योजना के तहत खेतों तक जाने वाले गौहर मार्गों को पक्का करने की जानकारी दी।
बजट सत्र में राजनीतिक गर्माहट
तीसरे दिन सदन के भीतर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच नोंकझोंक का माहौल रहा। विधानसभा के बाहर कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए प्रदर्शन पर सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी और इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी ने सवाल उठाए।
बीजेपी के कई नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी को पंजाब विधानसभा परिसर के रास्ते हरियाणा विधानसभा परिसर में पहुंचना पड़ा। इस मुद्दे को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज रही और विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की।
किसानों के लिए मुख्यमंत्री खेत-खलिहान योजना
सदन में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जानकारी दी कि प्रदेश सरकार किसानों की सुविधा और ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री खेत-खलिहान योजना के अंतर्गत खेतों के एक से चार करम तक के गौहर यानी खेती मार्गों को पक्का करने की पहल शुरू की गई है।
मंत्री के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य किसानों को खेतों तक सुगम और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना है। कच्चे रास्तों के कारण होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे प्राथमिकता दी है।
प्रत्येक विधायक को 25 किलोमीटर तक का अधिकार
कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक विधायक को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में 25 किलोमीटर तक गौहर मार्गों को पक्का करवाने का अधिकार दिया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर जरूरत के अनुसार मार्गों का चयन किया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि जनप्रतिनिधियों को यह अधिकार देने से कार्य में तेजी आएगी और किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों का सुदृढ़ होना कृषि गतिविधियों को गति देगा।
बारिश में भी आसान रहेगा आवागमन
सरकार के इस फैसले से किसानों को बड़े स्तर पर फायदा मिलने की उम्मीद है। साइकिल, मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर या अन्य वाहनों से खेतों तक पहुंचना आसान होगा और फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए मंडी तक ले जाना सुरक्षित बनेगा।
बारिश के मौसम में कच्चे रास्तों पर कीचड़ और फिसलन से होने वाली परेशानी भी कम होगी। पक्के गौहर मार्ग बनने से सालभर खेतों तक सुचारु और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी।
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