हरियाणा सरकार ने सुशासन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री को पूरी तरह फेसलेस (Faceless) बनाने का निर्णय लिया है। राज्य के राजस्व विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं और अगले महीने से फरीदाबाद जिले में इसका पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत अब लोगों को जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए तहसील के चक्कर काटने या अधिकारियों के सामने फिजिकल रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
तहसील जाने की मजबूरी होगी खत्म
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना और नागरिकों के समय की बचत करना है। वर्तमान में पेपरलेस रजिस्ट्री की सुविधा पहले से ही मौजूद है लेकिन अब इसे एक कदम आगे ले जाते हुए चेहरा रहित (Faceless) बनाया जा रहा है।
शुरुआत में फरीदाबाद की एक तहसील में इस प्रोजेक्ट को 3 महीने के लिए चलाया जाएगा। इस दौरान सिस्टम की खामियों और सफलता का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा। यदि फरीदाबाद का यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे हरियाणा में लागू कर दिया जाएगा।
पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा पर जोर
राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने इस पहल को गवर्नेंस रिफॉर्म का एक बड़ा हिस्सा बताया है। डिजिटल माध्यम से होने वाली इस प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप लगभग समाप्त हो जाएगा।
तेज प्रोसेसिंग: दस्तावेजों की जांच और वेरिफिकेशन डिजिटल तरीके से होगा जिससे काम जल्दी निपटेगा।
बेहतर पारदर्शिता: ऑनलाइन ट्रैकिंग की वजह से बिचौलियों और भ्रष्टाचार की संभावना खत्म होगी।
उच्च स्तरीय सुरक्षा: संपत्ति के लेनदेन से जुड़े डेटा को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत इंक्रिप्शन और सुरक्षा मानकों का उपयोग किया जाएगा।
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति: पायलट प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए विशेष अधिकारियों को तैनात किया जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव
भूमि प्रशासन प्रणाली में सुधार के लिए हरियाणा सरकार लंबे समय से प्रयासरत है। इससे पहले ई-रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट जैसी सुविधाओं ने लोगों की राह आसान की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि फेसलेस सिस्टम आने से न केवल पारदर्शिता आएगी बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने बढ़ाए स्टेनोग्राफर के पद, अब इस तारीख से होंगे आवेदन
जब रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी तो धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी क्योंकि सारा रिकॉर्ड रीयल-टाइम में अपडेट होगा। नागरिकों को घर बैठे अपनी संपत्ति का पंजीकरण कराने की सुविधा मिलना डिजिटल इंडिया के सपने को धरातल पर उतारने जैसा है।
मंत्री विपुल गोयल ने स्पष्ट किया है कि विभाग इस प्रणाली को त्रुटिहीन बनाने के लिए कार्यान्वयन एजेंसी के साथ मिलकर काम कर रहा है। आने वाले समय में रजिस्ट्री के साथ-साथ म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया को भी इसी तरह सरल बनाने पर विचार किया जा सकता है।
यहाँ क्लिक करें और गूगल मैप लिंक देखें













