ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Hisar Flood: हिसार में ड्रेन टूटा, राजगढ़ रोड पर पानी, 130 स्कूलों में 2 दिन की छुट्टी!

On: September 8, 2025 12:04 PM
Follow Us:
Hisar Flood: हिसार में ड्रेन टूटा, राजगढ़ रोड पर पानी, 130 स्कूलों में 2 दिन की छुट्टी!
Join WhatsApp Group

Hisar Flood, हिसार : हिसार जिले में लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश और हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन के बार-बार टूटने से कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए जिले के करीब 130 स्कूलों में सोमवार और मंगलवार को छुट्टी घोषित कर दी है। जहां जलभराव की स्थिति नहीं है, वहां स्कूल खुलेंगे, लेकिन अध्यापकों का अवकाश नहीं रहेगा। रविवार को भी ड्रेन दो जगह गंगवा के पास और पातन गांव में टूट गई। जीएलएफ फार्म की ओर तलवंडी राणा माइनर भी टूट गई। जिले में चार जगहों पर हाईवे पर पानी पहुंच गया है। अगर ज्यादा बारिश हुई और ड्रेन को ठीक नहीं किया गया, तो शहर की कॉलोनियों में पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है।

गंगवा के पास ड्रेन दोबारा टूटी

हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन को शनिवार को जहां पाटा गया था, उसके थोड़ा आगे गंगवा गांव की तरफ रविवार शाम को ड्रेन ओवरफ्लो होकर दोबारा टूट गई। ग्रामीण और मनरेगा मजदूर तुरंत पहुंचे, लेकिन कटाव बढ़ता चला गया। इससे पहले तीन दिन तक ड्रेन टूटी रही, जिससे कैमरी और गंगवा के खेतों में पानी जमा है। ये पानी राजगढ़ रोड तक पहुंच गया है। गंगवा के निकट शहर की कॉलोनियों पर पानी का खतरा मंडरा रहा है। अगर ज्यादा बारिश हुई और ड्रेन से पानी कम न हुआ, तो कॉलोनियों तक पानी पहुंच सकता है। जिला पार्षद प्रतिनिधि मनोज टाक ने बताया कि ड्रेन में पानी ओवरफ्लो हो रहा है। देर रात तक ग्रामीण ड्रेन को पाटने के काम में जुटे थे।

पातन गांव में भी ड्रेन टूटी

मनोहर की दस्तक के पीछे ‘तोशाम कनेक्शन’! श्रुति-किरण के हलके से आई शिकायत ने बढ़ाई संगठन की चिंता
मनोहर की दस्तक के पीछे ‘तोशाम कनेक्शन’! श्रुति-किरण के हलके से आई शिकायत ने बढ़ाई संगठन की चिंता

पातन गांव के निकट घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन ओवरफ्लो होकर एक जगह से टूट गई। प्रशासनिक अमला भी पहुंचा। ग्रामीणों ने समय पर ड्रेन को ठीक किया। पातन गांव में पहले भी ड्रेन टूट चुकी है। सरपंच पृथ्वी सिंह ने बताया कि गांव में गलियों में पानी भरा है। ड्रेन ओवरफ्लो है।

जलभराव से परेशानी, हाईवे पर पानी

गंगवा के निकट घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन टूटने से खेतों में जमा पानी राजगढ़ रोड तक पहुंच गया। ये ड्रेन तीन दिन तक टूटी रही। शनिवार को टूटे हिस्से को पाटा गया। सरसौद के पास भी खेतों का पानी हाईवे तक पहुंचा है। हिसार-भादरा स्टेट हाईवे पर आर्य नगर के निकट पानी जमा है। रोड के एक हिस्से से ट्रैफिक बंद है। हांसी और बरवाला स्टेट हाईवे के आसपास भी खेतों का पानी रोड के लेवल तक पहुंचा है। ज्यादा बारिश आई तो यहां दिक्कत हो सकती है।

राणा माइनर टूटी, तेज बहाव से जलभराव

फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

एयरपोर्ट के पीछे देर रात राणा माइनर टूट गई। जीएलएफ की खाली जमीन में पानी जमा होने लगा। तलवंडी राणा के सरपंच दयाल सिंह ने बताया कि सुबह जानकारी मिली। सिंचाई विभाग के जेई सचिन बूरा ने कहा कि मशीन से टूटी नहर पाटने का काम चल रहा है।

मौसम पूर्वानुमान: हिसार में हल्की बारिश

हिसार में रविवार को 8 एमएम बारिश दर्ज की गई। बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री कम है। एचएयू मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 8 से 11 सितंबर तक राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रों में मानसून की गतिविधियां थोड़ी कम होंगी। इन इलाकों में आंशिक बादलवाई और कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। लेकिन उत्तरी हरियाणा के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

बिजलीघर से पानी नहीं निकला

पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड

आर्य नगर के 33 केवी बिजलीघर में जमा पानी पूरी तरह नहीं निकाला जा सका। पानी जमा होने से दिनभर बिजलीघर से जुड़े गांवों की सप्लाई बाधित रही। वैकल्पिक लाइनों से सप्लाई दी गई। दिनभर एरिया में पावर कट लगते रहे। हिसार शहर में भी बारिश के चलते फीडर्स बार-बार रोकने पड़े, जिससे पावर कट की समस्या रही।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment