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Karwa Chauth 2025: झज्जर में करवा चौथ चांद कब निकलेगा? जानें व्रत, पूजा और शुभ मुहूर्त

On: October 7, 2025 5:51 PM
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Karwa Chauth 2025: झज्जर में करवा चौथ चांद कब निकलेगा? जानें व्रत, पूजा और शुभ मुहूर्त
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Karwa Chauth 2025 Jhajjar mein chand kab niklega: झज्जर में करवा चौथ चांद कब निकलेगा? इसकी जानकारी आपको यहां मिलेगी। करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास है। हिंदू धर्म में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला यह व्रत पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं और चांद के दर्शन के बाद पूजा कर व्रत तोड़ती हैं। यह त्योहार न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि परिवार में प्यार और विश्वास को भी मजबूत करता है। उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश में यह त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

Jhajjar mein chand kab niklega तारीख और समय

इस साल करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर 2025 की रात 10:54 बजे शुरू होगी और 10 अक्टूबर की शाम 7:38 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर व्रत 10 अक्टूबर को ही होगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा। चांद 10 अक्टूबर की रात 8:13 बजे निकलेगा। ध्यान दें, यह समय नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए है। अन्य शहरों में चांद निकलने का समय थोड़ा अलग हो सकता है।

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करवा चौथ का महत्व

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली की कामना का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं बिना पानी और भोजन के दिनभर उपवास रखती हैं। शाम को चांद को अर्घ्य देकर और पति को छलनी से देखकर व्रत खोला जाता है। सोलह श्रृंगार, मेहंदी और पारंपरिक परिधान इस दिन की रौनक बढ़ाते हैं। यह त्योहार पति-पत्नी के बीच प्यार और विश्वास को और गहरा करता है।

ऐसे करें करवा चौथ की पूजा

करवा चौथ का व्रत बड़ी श्रद्धा के साथ रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं और पूजा स्थल को साफ कर तैयार करती हैं। इसके बाद निर्जला व्रत का संकल्प लिया जाता है। दिनभर जल और अन्न ग्रहण नहीं किया जाता। शाम को शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती, गणेशजी और कार्तिकेय की पूजा की जाती है।

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पूजा थाली में चंदन, पुष्प, दीपक, अक्षत, सिंदूर, मिठाई, गंगाजल, कच्चा दूध, शक्कर, मेहंदी, चुनरी और चूड़ी आदि रखी जाती हैं। करवा चौथ की कथा सुनी या सुनाई जाती है। चांद निकलने पर छलनी से चांद को देखकर अर्घ्य दिया जाता है, फिर पति को छलनी से देखा जाता है। अंत में पति अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत पूरा करवाता है।

पूजा सामग्री में क्या-क्या चाहिए?

करवा चौथ की पूजा के लिए कई खास सामग्रियों की जरूरत होती है। इसमें चंदन, पुष्प, अगरबत्ती, कच्चा दूध, शक्कर, घी, दही, मिठाई, गंगाजल, अक्षत, सिंदूर, मेहंदी, महावर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, मिट्टी का करवा, दीपक, रुई, कपूर, गेहूं, हल्दी, जल का लोटा, पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, अठावरी, हलुआ और दान के लिए दक्षिणा शामिल हैं। इन सामग्रियों को पहले से तैयार कर लें ताकि पूजा में कोई कमी न रहे।

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Karwa Chauth 2025: इन बातों का रखें ध्यान

करवा चौथ का व्रत रखने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। गर्भवती महिलाएं या कमजोर स्वास्थ्य वाली महिलाएं फलाहार का विकल्प चुन सकती हैं। यह व्रत श्रद्धा और विश्वास के साथ रखा जाता है, इसलिए मन में पवित्र भाव रखें।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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