Metro in Gurugram dream will soon come true Tender for first phase will open in May:
गुरुग्राम के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी! ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण का टेंडर 1 मई को खुलने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से शहर की कनेक्टिविटी में क्रांति आएगी और ट्रैफिक की समस्या से राहत मिलेगी। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। आइए, इस परियोजना के बारे में विस्तार से जानते हैं और समझते हैं कि यह गुरुग्रामवासियों के लिए क्यों इतनी खास है।
पहले चरण का टेंडर: समय में बदलाव Metro in Gurugram
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण के लिए टेंडर प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं। पहले यह टेंडर मंगलवार शाम को खुलने वाला था, लेकिन कई बड़ी कंपनियों ने प्री-बिड में सवाल उठाए, जिनके जवाब तैयार करने में समय लगा। इस वजह से गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड ने टेंडर की समयावधि को बढ़ाकर 1 मई कर दिया है। इस चरण के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 और फिर सेक्टर-101 तक 14.5 किलोमीटर लंबा मेट्रो रूट बनाया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 1,286 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जो शहर की बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगा।
28.5 किमी का मेट्रो रूट, 27 स्टेशन
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना कुल 28.5 किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें 27 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 5,452 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। यह मेट्रो रूट शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ेगा, जिससे रोजाना लाखों लोगों को आवागमन में आसानी होगी। पहले चरण में बख्तावर चौक पर एक अंडरपास का निर्माण भी शामिल है, जिसे जीएमआरएल द्वारा बनवाया जाएगा। यह अंडरपास ट्रैफिक प्रवाह को सुगम बनाएगा और मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच को आसान करेगा।
तीन चरणों में बनेगी मेट्रो
गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 और सेक्टर-101 तक मेट्रो लाइन बनेगी। दूसरा चरण सेक्टर-9 से डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो का विस्तार करेगा, जिसमें पांच अंडरपास भी बनाए जाएंगे। ये अंडरपास चिंतपूर्णी मंदिर, शीतला माता मंदिर, कृष्णा चौक, रेजांगला चौक, और पालम विहार रोड-ओल्ड दिल्ली रोड कनेक्टिविटी पर बनेंगे। तीसरे चरण में सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो का निर्माण होगा, हालांकि इसके लिए अभी जमीन का अधिग्रहण बाकी है। यह चरणबद्ध दृष्टिकोण परियोजना को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद करेगा।
निर्माण में देरी, लेकिन उम्मीद बरकरार
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जीएमआरएल और हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) को 1 मई से निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, टेंडर आवंटन में देरी के कारण निर्माण कार्य अब जुलाई या अगस्त में शुरू होने की संभावना है। फिर भी, जीएमआरएल इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कटिबद्ध है। यह मेट्रो न केवल गुरुग्राम की ट्रैफिक समस्या को हल करेगी, बल्कि शहर को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा भी प्रदान करेगी।
गुरुग्रामवासियों के लिए नई उम्मीद
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना शहर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। यह न केवल आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी। दुकानदारों, कर्मचारियों, और छात्रों के लिए मेट्रो एक वरदान होगी, जो समय और पैसे की बचत करेगी। गुरुग्राम, जो पहले से ही कॉरपोरेट और शॉपिंग हब के रूप में जाना जाता है, इस मेट्रो के साथ और भी आकर्षक बन जाएगा। अगर आप गुरुग्राम में रहते हैं, तो यह मेट्रो आपके जीवन को और सुगम बनाने के लिए तैयार है!













