अंबाला (Ambala division)। कैंट रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस कार्य को पहले गति शक्ति को सौंपा गया था, लेकिन काम में देरी और आपसी तालमेल में कमी के चलते अब यह कार्य खुद अंबाला मंडल की देखरेख में किया जाएगा। रेलवे ने इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक विनोद भाटिया को निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि स्टेशन की खामियों को दूर किया जा सके।
Ambala division में सुविधाओं पर खर्च होगा रुपया
रेलवे द्वारा जारी की गई 13 करोड़ रुपये की राशि यात्री सुविधाओं पर खर्च की जाएगी। इसका खाका पहले ही विभागीय अधिकारियों ने तैयार कर लिया था। इसके तहत स्टेशन पर बने पुराने कमरों की दशा सुधारी जाएगी और यहां रंग-रोगन आदि का काम किया जाएगा। इसके अलावा प्लेटफार्मों पर यात्रियों के बैठने के लिए अतिरिक्त बैंच लगाए जाएंगे। वहीं प्लेटफार्म एक पर बने पुरुष व स्त्री विश्रामगृह की दशा भी सुधारी जाएगी। इसके अलावा प्लेटफार्माें के रख-रखाव के तहत रिपेयर का काम भी किया जाएगा।
रेलवे परिसर में वीडियो वाल की योजना
रेलवे परिसर में आने वाले यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी देने के लिए वीडियो वाल भी स्थापित की जाएगी ताकि ट्रेनों के आवागमन की जानकारी आसानी से यात्रियों तक पहुंच सके। इसके लिए प्लेटफार्माें पर लगे कोच गाइडेंस सिस्टम में भी बदलाव किया जाएगा जोकि पिछले काफी समय से खराब पड़े हुए हैं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी ताकि स्टेशन पर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी यात्रियों को मिल सके। इसके अलावा स्टेशन पर शौचालय, पानी के बूथ सहित अन्य कुछ कार्य भी किया जाएगा।
अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक एनके झा ने कहा कि कैंट रेलवे स्टेशन पर लगभग 13 करोड़ की लागत से मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। पहले यह कार्य गति शक्ति को सौंपा गया था, लेकिन अब अंबाला मंडल अपने स्तर पर इस कार्य को करवाएगा।
तीन माह पहले बनी थी योजना
रेल भूमि विकास प्राधिकरण यानी आरएलडीए द्वारा अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन को अपग्रेड किया जाना है, लेकिन अभी इसकी फाइल कार्यालयों में धूल फांक रही है। ऐसे में स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की कमी यात्रियों को खलने लगी थी और रिपेयर का काम भी लंबित हो रहा था। ऐसे में अंबाला मंडल ने लगभग तीन माह पहले प्रस्ताव तैयार करके रेलवे को भेजा था ताकि वो अपने स्तर पर रेलवे स्टेशन की व्यवस्थाओं का सुधार कर सकें। जब इस प्रस्ताव को मुख्यालय से हरी झंडी मिली तो यह काम गति शक्ति को सौंप दिया गया जोकि अब पिछले एक माह से लंबित पड़ा हुआ था।












