Rohtak Park Redevelopment (रोहतक) : शहर के पार्कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। पार्कों में पानी निकासी तक की कोई व्यवस्था नहीं है और अब लगातार बारिश हो रही है। इन सबके बीच नगर निगम की बागवानी विंग ने फव्वारों की मरम्मत के लिए 23 लाख रुपए का टेंडर जारी कर दिया है।
नगर निगम की तरफ से यह कहा जा रहा है कि ताऊ देवी लाल पार्क, रेस्टहाउस पार्क, रणबीर सिंह हुड्डा चौक, गौकर्ण पार्क और मान सरोवर पार्क में वर्षों से बंद या खराब पड़े फव्वारों की मरम्मत की जाएगी। बागवानी विंग का तर्क है कि ताऊ देवीलाल पार्क सौंदर्यकरण जरूरी है और फव्वारों को दुरुस्त करना इसी योजना का हिस्सा है।
पार्कों की हालत बद से बदतर
लेकिन शहरवासियों का कहना है कि जब पार्कों में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं, तो फव्वारों को सजाने का औचित्य क्या है? ताऊ देवीलाल पार्क में बरसात के दिनों में जलभराव आम बात है, जिससे न केवल हरियाली प्रभावित होती है, बल्कि टहलने आए लोगों को भी परेशानी होती है। वहीं, मानसरोवर पार्क में बड़ी घास उगी हुई है। पेयजल की सुविधा नहीं है और बैठने की व्यवस्था भी टूटी-फूटी है।
23 लाख रुपये का टेंडर
स्थानीय निवासी आश्चर्य जताते हैं कि जहां दिखावे का नाम है ? 23 लाख रुपए की राशि सफाई, प्रकाश व्यवस्था और पानी निकासी जैसी अगर पार्कों की बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बुनियादी समस्याएं मौजूद हैं, वहां नगर निगम लगाई जाती तो शायद लोगों को ज्यादा राहत की प्राथमिकता फव्वारों की मरम्मत कैसे हो मिलती।
नगर निगम को अब यह तय करना होगा सकती है? यह स्थिति सिर्फ योजना की खामियों कि सौंदर्यीकरण के नाम पर सतही काम किए की ओर इशारा नहीं करती, बल्कि यह सवाल जाएं या फिर पाकों को वाकई में हरियाली और भी उठाती है कि क्या विकास सिर्फ सतही सुकून का स्थान बनाया जाए।
बागवानी विभाग रोहतक के एक्सईएन योगराज छिकारा ने कहा की पार्क के सौंदर्यीकरण को लेकर टेंडर लगा दिया गया है। पार्क में जो भी कमियां है, उन्हें भी जल्द दूर किया जाएगा। फिलहाल पाकों की मरम्मत के लिए भी प्लान तैयार किया जा रहा है।











