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Success Story : 24 साल में UPSC पास, किसान की बेटी ईश्वर्या रामनाथन बनीं IAS: एक प्रेरणादायक कहानी

On: April 25, 2025 9:04 AM
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Success Story : 24 साल में UPSC पास, किसान की बेटी ईश्वर्या रामनाथन बनीं IAS: एक प्रेरणादायक कहानी
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Success Story Passed UPSC at the age of 24, farmer’s daughter Iswarya Ramanathan became IAS:
भारत की सबसे कठिन परीक्षा UPSC को पास करना हर किसी के बस की बात नहीं। लेकिन तमिलनाडु के एक छोटे से गाँव की बेटी, ईश्वर्या रामनाथन ने महज 24 साल की उम्र में यह कारनामा कर दिखाया। एक किसान की बेटी ने न केवल 2019 में UPSC में 47वीं रैंक हासिल की, बल्कि दूसरी बार परीक्षा पास कर IAS बनकर देश की सेवा में जुट गईं। उनकी कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर चलता है। आइए, ईश्वर्या की इस प्रेरणादायक यात्रा को करीब से जानें।

बचपन की चुनौतियों ने बनाया मजबूत Success Story

तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में जन्मी ईश्वर्या का बचपन आसान नहीं था। उनके गाँव को बाढ़, तूफान, और भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन 2004 की विनाशकारी सुनामी ने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। उस दौरान जिले के कलेक्टर गगनदीप सिंह बेदी की राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका ने ईश्वर्या के मन में प्रशासनिक सेवा के प्रति गहरा सम्मान जगा दिया। उन्होंने ठान लिया कि वे भी ऐसी भूमिका निभाएंगी, जहां वे लोगों के जीवन में बदलाव ला सकें। यह घटना उनके IAS बनने के सपने की नींव बनी।

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माता-पिता से मिली प्रेरणा

ईश्वर्या का परिवार साधारण लेकिन आत्मनिर्भर था। उनके पिता आर. रामनाथन एक काजू किसान हैं, जिन्होंने मेहनत और लगन से परिवार का पालन-पोषण किया। उनकी माँ ने कम उम्र में शादी के बावजूद अपनी शिक्षा पूरी की और सरकारी नौकरी हासिल की। माँ की यह संघर्षशील कहानी ईश्वर्या के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनी। भले ही आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन परिवार के संस्कार और समर्थन ने ईश्वर्या को बड़े सपने देखने की हिम्मत दी।

पहले प्रयास में रेलवे सर्विस, फिर IAS

ईश्वर्या ने चेन्नई की अन्ना यूनिवर्सिटी से 2017 में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। कॉलेज के दिनों से ही उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। उनकी मेहनत 2018 में रंग लाई, जब पहले ही प्रयास में उन्होंने 630वीं रैंक के साथ रेलवे अकाउंट्स सर्विस में जगह बनाई। लेकिन उनका सपना कलेक्टर बनने का था। उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा तैयारी शुरू की। 2019 में, अपने दूसरे प्रयास में, उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 47वीं रैंक हासिल की और IAS बनने का सपना पूरा किया। आज वे तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में सब-कलेक्टर और SDM के रूप में कार्यरत हैं।

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बहन की भी शानदार उपलब्धि

ईश्वर्या की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। उनकी छोटी बहन सुष्मिता रामनाथन ने भी UPSC पास कर IPS अधिकारी बनकर परिवार का नाम रोशन किया। दोनों बहनें आज देश की सेवा में जुटी हैं और उनकी प्रेरणादायक कहानी सोशल मीडिया पर लाखों लोगों तक पहुंच रही है। ईश्वर्या के इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जहां वे अपने अनुभव और मोटिवेशनल कहानियां साझा करती हैं।

मेहनत और रणनीति का कमाल

ईश्वर्या की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, धैर्य, और सटीक रणनीति थी। उन्होंने बताया कि UPSC की तैयारी के लिए समय प्रबंधन और नियमित अध्ययन बहुत जरूरी है। वे मानती हैं कि कठिन परिस्थितियां आपको कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत बनाती हैं। उनकी सलाह है कि उम्मीदवारों को अपनी कमजोरियों पर काम करना चाहिए और आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए।

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देश की बेटियों के लिए मिसाल

ईश्वर्या रामनाथन की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की जीत नहीं, बल्कि उन सभी बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखती हैं। उन्होंने साबित किया कि अगर हौसला और मेहनत हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। उनकी यात्रा उन लाखों युवाओं को प्रेरित करती है, जो UPSC या किसी बड़े लक्ष्य की तैयारी में जुटे हैं।
अगर आप भी अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं, तो ईश्वर्या की कहानी से सीखें। मेहनत, लगन, और सही दिशा आपको मंजिल तक जरूर पहुंचाएगी। ईश्वर्या जैसी बेटियां देश का गौरव हैं और हम सबके लिए एक मिसाल।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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