Termite Trap Corn saving their fields and trees: सिरसा | हरियाणा के सिरसा जिले में स्थित पीएम श्री गर्ल सीनियर सेकेंडरी स्कूल माधो सिंघाना के छात्रों द्वारा की गई एक नई रिसर्च सुर्खियां बटोर रही है। इन छात्रों ने पेड़ों को दीमक से बचाने के लिए एक अभिनव और रसायन-मुक्त तरीका विकसित किया है। यह प्रोजेक्ट शिक्षा मंत्रालय, अटल इनोवेशन मिशन और नीति आयोग द्वारा क्रियान्वित ‘विकसित भारत’ अभियान के तहत ‘स्वदेशी’ थीम पर विकसित किया गया है।
भौतिक प्रवक्ता रविंद्र सिंह के मार्गदर्शन में स्कूल के 5 छात्रों अभिनव, संजना, पूजा, गुरविंदर और रमीना की एक टीम ने भुट्टे के अवशेष का उपयोग कर एक ‘टरमाइट ट्रेप’ तैयार किया है, जो पेड़ों और खेतों से दीमक को खत्म करने में प्रभावी साबित होगा। इस तकनीक से रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल किए बिना खेतों से दीमक का सफाया किया जा सकेगा।
टरमाइट ट्रेप से ऐसे खत्म होगी दीमक Termite Trap Corn
टर्माइट ट्रेप बनाने के लिए मिट्टी का एक मटका लेकर उसमें कई छेद किए जाते हैं। फिर उसमें मक्का के भुट्टे के अवशेष से भरकर ऊपर से अच्छी तरह ढक देंगे। फिर दीमक लगे पेड़ के पास गड्ढा खोदकर मटके को इस तरह दबाया जाता है कि उसका मुंह मिट्टी से बाहर रहे।
भुट्टो में होता है सेल्युलोज
रिसर्च टीम ने बताया कि खाली मक्का के भुट्टो में सेल्युलोज होता है, जिसके चलते दीमक भुट्टो की ओर तेजी से आकर्षित होते हैं। मटके के अंदर जमा होने लगते हैं। मटके को 2 दिन के अंतराल पर जांचा जाता है कि वह भरा है या नहीं।
जब मटका पूरी तरह से दीमक से भर जाता है तो उसे बाहर निकालकर उसमें आग लगाकर दीमकों को जला दिया जाता है। इसके बाद, फिर से मटके में मक्का के भुट्टे के अवशेष भरकर दोबारा इस प्रक्रिया को दोहराया जाता है, जब तक मिट्टी से पूरी तरह दीमक खत्म न हो जाए।












