Dhokha Shayari in Hindi: दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो खून का नहीं, पर दिल से जुड़ा होता है। इसमें भरोसा होता है, हंसी-आंसू का साथ होता है, और सबसे बड़ी बात- इसमें सच्चाई होती है।
लेकिन जब इस रिश्ते में ही कोई फरेब कर जाए, धोखा दे जाए, तो दर्द बहुत गहरा होता है। ऐसे ही जख्मों को जुबां देती हैं ये शायरियां, जो उन दोस्तों के लिए हैं जिन्होंने कभी दोस्ती के नाम पर दिल तोड़ दिया।
Dhokha Shayari in Hindi: जब दोस्त ही बन जाए जख्म देने वाला
कई बार हम जिनपर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं, वही लोग हमें सबसे ज्यादा तकलीफ दे जाते हैं। शायरों ने भी ऐसे ही जख्मों को अल्फाज़ दिए हैं:
“हमने सोचा था सिर्फ मौत ही जुदा करेगी, पर ये क्या… दोस्त ही फरेब कर गया।”
“जिसे अपना समझा, उसी ने पीठ में खंजर घोंप दिया, दोस्ती का नाम लेकर धोखा दे गया।”
दोस्ती में फरेब शायरी
पत्थर तो हज़ारों ने मारे थे मुझे लेकिन
जो दिल पे लगा आ कर इक दोस्त ने मारा है
– सुहैल अज़ीमाबादी
कुछ लोग दोस्ती का नकाब पहनकर दिल तोड़ने आते हैं। उनके लिए शायरों ने कुछ खास अल्फाज़ कहे हैं:
“वो कहते थे तुम्हारे बिना अधूरे हैं हम, और आज वो ही हमें भूल चुके हैं।”
“मुझे दोस्त कहकर मेरी ही कहानी चुराई गई, और तमाशा बना दिया गया मेरी वफाओं का।”
Friendship betrayal shayari collection
हम को यारों ने याद भी न रखा
‘जौन’ यारों के यार थे हम तो
– जौन एलिया
लोग डरते हैं दुश्मनी से तिरी
हम तिरी दोस्ती से डरते हैं
– हबीब जालिब
एक बार जब किसी पर से भरोसा टूटता है, तो फिर जिंदगी में दोबारा किसी पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है।
“जिस पर सबसे ज्यादा एतबार किया, उसी ने सबसे गहरा वार किया।”
“अब ना किसी पर ऐतबार करते हैं, ना किसी से जिक्र करते हैं अपने दिल की बातों का।”
Dosti me fareb par shayari
दोस्ती जब किसी से की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए
– राहत इंदौरी
अक़्ल कहती है दोबारा आज़माना जहल है
दिल ये कहता है फ़रेब-ए-दोस्त खाते जाइए
– माहिर-उल क़ादरी
हटाए थे जो राह से दोस्तों की
वो पत्थर मिरे घर में आने लगे हैं
– ख़ुमार बाराबंकवी
दुश्मनों से प्यार होता जाएगा
दोस्तों को आज़माते जाइए
– ख़ुमार बाराबंकवी
Bewafa dost shayari
दुश्मनों ने जो दुश्मनी की है
दोस्तों ने भी क्या कमी की है
– हबीब जालिब
मैं हैरां हूं कि क्यूं उस से हुई थी दोस्ती अपनी
मुझे कैसे गवारा हो गई थी दुश्मनी अपनी
– एहसान दानिश
दुश्मनी ने सुना न होवेगा
जो हमें दोस्ती ने दिखलाया
– ख़्वाजा मीर दर्द
अगर आपको भी किसी दोस्त ने धोखा दिया है, तो इन शायरियों को पढ़कर शायद आपका दिल थोड़ा हल्का हो सके। शायरी केवल अल्फाज़ नहीं होती, ये उस दर्द की आवाज़ होती है जो इंसान अकेले सहता है।













