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होली 2026: बसंत पंचमी से शुरू हुआ रंगों का 40 दिनों वाला उत्सव, जानें तारीख और चंद्र ग्रहण का पूरा गणित

On: जनवरी 23, 2026 7:05 अपराह्न
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होली 2026: बसंत पंचमी से शुरू हुआ रंगों का 40 दिनों वाला उत्सव, जानें तारीख और चंद्र ग्रहण का पूरा गणित
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मथुरा. होली का उत्साह देखना हो तो मथुरा, वृंदावन जरूर जाएं। बसंत पंचमी के साथ ही ब्रज भूमि में 40 दिवसीय होली महोत्सव शुरू हो गया है। 2026 में 3 मार्च को होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण लगेगा और 4 मार्च को रंग खेला जाएगा।

भारतीय त्योहारों की गणना और परंपराएं बेहद रोचक होती हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर किस त्योहार के ठीक 40 दिन बाद होली मनाई जाती है। इसका जवाब ब्रज की गलियों और वहां की प्राचीन परंपराओं में छिपा है। आज 23 जनवरी को बसंत पंचमी है और इसी के साथ रंगों के सबसे बड़े त्योहार की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है।

किस त्योहार के 40 दिन बाद आती है होली

लोक परंपराओं के अनुसार बसंत पंचमी ही वह त्योहार है जिसके ठीक 40 दिन बाद होली का मुख्य पर्व मनाया जाता है। विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन में बसंत पंचमी के दिन से ही मंदिरों में गुलाल उड़ने लगता है। इसे ब्रज में होली का आगमन माना जाता है। यानी 23 जनवरी से शुरू होकर अगले 40 दिनों तक ब्रज धाम में फाग और रंगों की धूम रहेगी।

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नोट कर लें होली 2026 की सही तारीख

इस साल होली की तारीख को लेकर अगर आप कंफ्यूज हैं तो जान लें कि पंचांग के अनुसार होलिका दहन 3 मार्च 2026 दिन मंगलवार की रात को किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 4 मार्च 2026 दिन बुधवार को देशभर में धुलंडी या रंग वाली होली खेली जाएगी।

ब्रज में आज से बदल गया माहौल

ब्रज क्षेत्र में होली केवल एक या दो दिन का त्योहार नहीं होता बल्कि यह एक महोत्सव है जो बसंत पंचमी से शुरू होकर रंग पंचमी तक चलता है। 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर बांके बिहारी मंदिर और अन्य प्रमुख मंदिरों में ‘होली का डांडा’ गाड़ने की रस्म निभाई गई।

इस दौरान भगवान को पीले वस्त्र और पीला भोग अर्पित किया जाता है। अब अगले 40 दिनों तक यहां लठ्ठमार होली, फूलों की होली और लड्डू होली जैसे विभिन्न आयोजन देखने को मिलेंगे। यह समय राधा और कृष्ण की प्रेम लीलाओं को याद करने का होता है।

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होली पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग

साल 2026 की होली खगोल विज्ञान और ज्योतिष दोनों नजरिए से बेहद खास रहने वाली है। इस बार होलिका दहन के दिन यानी 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषों के अनुसार यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा जो भारत में भी दिखाई देगा।

ग्रहण का समय: भारतीय मानक समय के अनुसार यह ग्रहण दोपहर 03 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 06 बजकर 47 मिनट तक चलेगा।

सूतक काल: चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य होगा इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा। सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है।

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पूजा पाठ पर पड़ेगा असर

ग्रहण के कारण होलिका दहन की पूजा विधियों और समय में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य या पूजा नहीं की जाती है। हालांकि रंग वाली होली 4 मार्च को है जिस पर ग्रहण का कोई साया नहीं होगा और लोग बिना किसी चिंता के रंग खेल सकेंगे।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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