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Intermittent fasting risks: इंटरमिटेंट फास्टिंग से 135% बढ़ सकता है दिल की बीमारी का खतरा, चौंकाने वाली रिसर्च!

On: August 25, 2025 9:42 AM
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Intermittent fasting risks: इंटरमिटेंट फास्टिंग से 135% बढ़ सकता है दिल की बीमारी का खतरा, चौंकाने वाली रिसर्च!
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Intermittent fasting risks: Intermittent fasting can increase the risk of heart disease by 135%, shocking research!: नई दिल्ली। आजकल वजन घटाने और फिट रहने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का ट्रेंड खूब चल रहा है। लोग रोज़ 16 घंटे उपवास रखकर 8 घंटे में खाना खाते हैं, लेकिन एक नई रिसर्च ने इस डाइट को लेकर हैरान करने वाला खुलासा किया है।

स्टडी के मुताबिक, इंटरमिटेंट फास्टिंग करने वालों में दिल की बीमारी से मौत का खतरा 135% तक बढ़ सकता है। यह ट्रेंडी डाइट जितनी फायदेमंद लगती है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है। आइए जानते हैं इस रिसर्च के बड़े नतीजे।

दिल की बीमारी का खतरा दोगुना Intermittent fasting risks

रिसर्च में पाया गया कि जो लोग रोज़ाना सिर्फ 8 घंटे की खाने की खिड़की रखते हैं, उनमें दिल की बीमारी से मौत का खतरा 12-14 घंटे खाने वालों की तुलना में 135% ज्यादा है। यह खुलासा उन लोगों के लिए चेतावनी है जो इस डाइट को बिना सोचे-समझे फॉलो कर रहे हैं।

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19,000 लोगों पर हुआ अध्ययन

यह रिसर्च अमेरिका में 19,000 से ज्यादा वयस्कों पर की गई। शोधकर्ताओं ने लंबे समय तक उनके खान-पान की आदतों और स्वास्थ्य पर नजर रखी। नतीजों ने सबको चौंका दिया, क्योंकि इंटरमिटेंट फास्टिंग करने वालों में दिल की बीमारियों का खतरा काफी ज्यादा पाया गया।

पहले से बीमार लोगों के लिए बड़ा जोखिम

जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी या कैंसर जैसी समस्याएं थीं, उनके लिए यह डाइट और भी खतरनाक साबित हुई। रिसर्च के अनुसार, ऐसे लोगों में दिल से जुड़ी मौत का खतरा 66% तक बढ़ गया। यह जानकारी उन लोगों के लिए खासतौर पर जरूरी है जो पहले से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।

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पोषण और मांसपेशियों पर असर

विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से शरीर में पोषण की कमी हो सकती है और मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। मांसपेशियों का कम होना दिल की सेहत पर बुरा असर डालता है, जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

स्टडी की सीमाएं

यह रिसर्च अभी शुरुआती दौर में है और पूरी तरह पीयर-रिव्यूड नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि लंबे समय तक इंटरमिटेंट फास्टिंग का हर किसी पर एक जैसा असर होगा। फिर भी, विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

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इंटरमिटेंट फास्टिंग भले ही वजन घटाने का पॉपुलर तरीका हो, लेकिन इसे बिना डॉक्टर की सलाह के अपनाना जोखिम भरा हो सकता है। अगर आप इस डाइट को फॉलो करने की सोच रहे हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें और अपनी सेहत की नियमित जांच कराएं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य है और इसे चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी डाइट या फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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