Sawan somvar vrat puja samagri list Sawan Monday fast worship material Keep these essential things ready for Shiv Puja: सावन सोमवार व्रत पूजा में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विशेष सामग्री की आवश्यकता होती है। गंगाजल, दूध, बिल्वपत्र और रुद्राक्ष जैसे पवित्र तत्वों के साथ विधिवत पूजा करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
इस साल के चार सावन सोमवार पर श्रद्धापूर्वक शिवजी की पूजा करें और अपने जीवन में स्थिरता व सफलता पाएं। सावन सोमवार व्रत पूजा सामग्री सही तरीके से उपयोग करें और भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें।
सावन सोमवार व्रत पूजा में कौन-कौन सी सामग्री चाहिए? जानिए पूजा विधि, जरूरी समाग्री, मंत्र और आरती विधि ताकि भोलेनाथ की कृपा जरूर बरसे।
सावन का महीना शुरू हो चुका है, और भक्तों में शिव पूजा को लेकर खास उत्साह है। इस साल सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं: 14, 21, 28 जुलाई और 4 अगस्त 2025। इन चार दिनों में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है, जिसमें श्रद्धालु उपवास रखकर विधिवत पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा की तैयारी में किन-किन चीज़ों की ज़रूरत होती है? चलिए जानें सावन सोमवार व्रत पूजा की सम्पूर्ण सामग्री और विधि ताकि आप कुछ भी मिस न करें।
Sawan somvar vrat puja samagri list: पूजा की सामग्री
शिवजी की पूजा जितनी भावनाओं से की जाती है, उतनी ही सामग्री की भी आवश्यकता होती है ताकि पूजा पूरी और प्रभावशाली हो।
यह रही पूरी लिस्ट:
– गंगाजल और शुद्ध जल
– दूध, दही, घी, शहद
– शक्कर और शकर
– चंदन, भस्म, मौली और जनेऊ
– बिल्वपत्र, धतूरा, आक के फूल और सफेद पुष्प
– धूप, कपूर और दीपक
– फल, मिठाई और अक्षत
– रुद्राक्ष की माला और शिवलिंग
– पूजा के लिए आसन, घंटी, शंख
इन सभी चीजों का धार्मिक महत्व है और शिव पूजन में इनका उपयोग भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए आवश्यक माना जाता है।
पूजा विधि
सावन सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद:
– पूजा स्थल की सफाई करें और शिव-पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें
– गणेश वंदना के बाद शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद आदि अर्पित करें
– बिल्वपत्र, धतूरा, चंदन, फूल, रुद्राक्ष और भस्म समर्पित करें
– “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें और व्रत का संकल्प लें:
“मम क्षेम स्थैर्य जयाभिवृद्ध्यर्थं सोमव्रतम् करिष्ये”
– माता पार्वती को भी पूजा सामग्री अर्पित करें
– शिव-पार्वती की आरती करें और भोग लगाकर प्रसाद वितरित करें
– सावन सोमवार व्रत कथा का पाठ करें
शाम को पुनः शिवजी की पूजा करें और कथा दोहराएं। रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण करें।













