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Agriculture Innovation: हवा से नाइट्रोजन लेकर खुद खाद बनाएंगी नई फसलें खेती में क्रांति की उम्मीद

On: November 30, 2025 12:08 PM
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Agriculture Innovation: हवा से नाइट्रोजन लेकर खुद खाद बनाएंगी नई फसलें खेती में क्रांति की उम्मीद
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Agriculture Innovation: नई तकनीक से गेहूं और धान की फसलें हवा से नाइट्रोजन लेकर खुद जैविक खाद बनाएंगी। यह शोध खेती की लागत घटाएगा, पैदावार बढ़ाएगा और प्रदूषण कम करेगा।  नाइट्रोजन फर्टिलाइजेशन.

हवा से नाइट्रोजन लेकर खुद खाद बनाने वाली फसलें खेती में नई उम्मीद Agriculture Innovation

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया डेविस के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा शोध किया है जो खेती का चेहरा बदल सकता है। उन्होंने गेहूं की ऐसी किस्में विकसित की हैं जो हवा से नाइट्रोजन लेकर खुद जैविक खाद तैयार कर सकती हैं। इस प्रक्रिया से रासायनिक खाद की जरूरत काफी कम होगी और फसल की पैदावार स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इससे किसानों का खर्च घटेगा और पर्यावरण पर रासायनिक खादों का दुष्प्रभाव भी कम होगा।

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कैसे काम करती है यह क्रांतिकारी तकनीक

इस शोध का नेतृत्व प्लांट साइंसेज डिपार्टमेंट के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ एडुआर्दो ब्लमवाल्ड कर रहे हैं। उनकी टीम ने CRISPR Cas9 जीन एडिटिंग तकनीक का उपयोग करते हुए पौधों में एक नेचुरल केमिकल का उत्पादन कई गुना बढ़ा दिया है। यह केमिकल मिट्टी में मौजूद बैक्टीरिया को सक्रिय करता है जिससे पौधे हवा से नाइट्रोजन को खींचकर खुद खाद बनाते हैं। इस जैविक प्रक्रिया से पौधा बिना किसी बाहरी यूरिया की मदद के स्वस्थ रूप से बढ़ सकता है।

भारत के लिए बढ़ी उम्मीदें

भारत में नाइट्रोजनयुक्त खाद यानी यूरिया का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की उर्वरता को लगातार कम कर रहा है। जमीन बंजर होती जा रही है और किसानों का खर्च भी बढ़ रहा है। इसी समस्या को देखते हुए देश में प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती पर लगातार जोर बढ़ रहा है। ऐसे में यह तकनीक भारत के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

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डॉ ब्लमवाल्ड की रिसर्च ने भारतीय वैज्ञानिकों में भी उत्साह जगाया है कि भविष्य में गेहूं और धान की ऐसी किस्में तैयार हो सकती हैं जिन्हें बाहर से खाद देने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इससे खेती टिकाऊ और सस्ती दोनों बन सकेगी।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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