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Agriculture news: गेहूं के बाद मूंग की खेती से 60 दिनों में कमाएं 60 हजार रुपये!

On: मई 4, 2025 9:32 पूर्वाह्न
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Agriculture news: गेहूं के बाद मूंग की खेती से 60 दिनों में कमाएं 60 हजार रुपये!
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Agriculture news , After wheat, earn 60 thousand rupees in 60 days by cultivating moong: हरियाणा के किसानों के लिए एक शानदार खबर है! गेहूं की कटाई के बाद खेत खाली रहने की बजाय मूंग की खेती शुरू करें और मात्र 60-65 दिनों में प्रति एकड़ 60 हजार रुपये तक की कमाई करें।

कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, मूंग की खेती न केवल कम लागत वाली है, बल्कि यह मिट्टी की उर्वरता को भी बढ़ाती है। यह लेख किसानों को इस लाभकारी फसल के बारे में पूरी जानकारी देगा, ताकि वे अपनी आय को बढ़ा सकें।

गेहूं के बाद मूंग: क्यों है सही विकल्प? Agriculture news

गेहूं की कटाई के बाद ज्यादातर किसान धान की बुवाई की तैयारी में जुट जाते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें दो महीने तक इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान खेत खाली रहते हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वैज्ञानिक डॉ. चेलीपुरी रामुलु सलाह देते हैं कि किसान इस समय मूंग की खेती कर सकते हैं। मूंग की फसल 60-65 दिनों में तैयार हो जाती है, और इसकी कम लागत और उच्च मुनाफा इसे किसानों के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है। साथ ही, मूंग की खेती मिट्टी में नाइट्रोजन और फास्फोरस को बढ़ाकर धान की अगली फसल के लिए खेत को और उपजाऊ बनाती है।

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मूंग की बुवाई: आसान और किफायती तरीका

डॉ. रामुलु के अनुसार, गेहूं की कटाई के तुरंत बाद मूंग की बुवाई शुरू की जा सकती है। एक एकड़ खेत में 8-10 किलो बीज की जरूरत होती है।

बुवाई के लिए पारंपरिक तरीके या मल्टीक्रॉप मशीन का उपयोग किया जा सकता है। बेहतर पैदावार के लिए बीजों को मैंकोजेब से उपचारित करना जरूरी है। इसके लिए 2 मिली मैंकोजेब को 10 लीटर पानी में मिलाकर 1 लीटर पानी की दर से बीजों का उपचार करें। यह प्रक्रिया फसल को कीटों और रोगों से बचाती है, जिससे पैदावार बढ़ती है।

कम लागत, ज्यादा मुनाफा

मूंग की खेती में पानी की खपत बहुत कम होती है, जो इसे हरियाणा जैसे क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बनाता है। जीरो टिलेज विधि से बुवाई करने पर एक एकड़ में 12-15 हजार रुपये का खर्च आता है, जबकि पारंपरिक तरीके से 20 हजार रुपये तक खर्च हो सकता है।

कटाई के बाद मूंग के अवशेषों को खेत में छोड़ देने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, जो धान की फसल के लिए लाभकारी है। इस तरह, मूंग की खेती न केवल किफायती है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।

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60 दिनों में 60 हजार की कमाई

मूंग की शिखा और विराट किस्में बेहतर पैदावार के लिए जानी जाती हैं। एक एकड़ में औसतन 600 किलो मूंग की पैदावार होती है, जिसे बाजार में 100 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जा सकता है।

इस तरह, 12-15 हजार रुपये की लागत पर 60 हजार रुपये की कमाई संभव है। यह फसल 60-65 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसान धान की बुवाई से पहले अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। यह कम समय में अधिक लाभ का एक शानदार अवसर है।

किसानों के लिए सलाह

कृषि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मूंग की बुवाई से पहले खेत की मिट्टी की जांच कर लें और उच्च गुणवत्ता वाले बीज चुनें। बुवाई के समय मौसम की स्थिति पर नजर रखें, क्योंकि अधिक बारिश या सूखा फसल को प्रभावित कर सकता है।

बीजों का मैंकोजेब उपचार और जीरो टिलेज जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, ताकि लागत कम हो और पैदावार बढ़े। मूंग की फसल कटाई के बाद स्थानीय मंडी में बेचने से पहले बाजार भाव की जानकारी जरूर लें, ताकि अधिकतम मुनाफा मिले।

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मूंग की खेती: एक स्मार्ट कदम

मूंग की खेती न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि यह मिट्टी की सेहत को भी सुधारती है। यह फसल किसानों को गेहूं और धान के बीच के खाली समय का सदुपयोग करने का मौका देती है।

कम पानी, कम लागत, और उच्च मुनाफे के साथ मूंग की खेती हरियाणा के किसानों के लिए एक स्मार्ट और टिकाऊ विकल्प है। इस मौके को हाथ से न जाने दें और अपनी आय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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