Agriculture News: Drip irrigation scheme changed the fate of women farmers, now they are earning double income from farming: टपक सिंचाई योजना (drip irrigation scheme) ने झारखंड की एक महिला किसान की किस्मत बदल दी है। महागामा प्रखंड के पचगाछी गांव की करुणा देवी पहले जल संकट से जूझती थीं और फसल की पैदावार उम्मीद से काफी कम रहती थी।
लेकिन जब उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूह की बैठक में अपनी परेशानी साझा की, तो झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की योजना के तहत उन्हें मुफ्त में टपक सिंचाई यंत्र उपलब्ध कराया गया।
इस तकनीक से अब उनके खेतों में हर पौधे की जड़ों तक सटीक और सीमित मात्रा में पानी पहुंचता है, जिससे पानी की बर्बादी नहीं होती और पौधे बेहतर विकसित होते हैं। (drip farming benefits)
फसल उत्पादन में जबरदस्त सुधार और आमदनी में उछाल Agriculture News
करुणा देवी अब अपने एक बीघा खेत में बैंगन, भिंडी, सिम और आलू जैसी फसलें उगा रही हैं। पहले जहां पैदावार में अनिश्चितता रहती थी, अब उत्पादन इतना बढ़ गया है कि बाज़ार में बेचकर उन्हें दोगुना मुनाफ़ा हो रहा है। (farming income increase)
उन्होंने बताया कि मोटर पंप से सिंचाई में जहां पानी, बिजली और श्रम तीनों की बर्बादी होती थी, वहीं अब टपक तकनीक ने इन समस्याओं का समाधान कर दिया है। पौधों को जरूरत के अनुसार ही पानी मिलने लगा है और मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहती है। (drip irrigation vegetables)
यह बदलाव केवल आर्थिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी करुणा देवी को आत्मनिर्भर बना रहा है।
महिला किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम
महागामा ब्लॉक के प्रोजेक्ट मैनेजर चंदन कुमार ने बताया कि JSLPS की यह योजना महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है। योजना का लाभ कोई भी महिला ले सकती है, अगर वह महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हो और खेती से जुड़ी दिक्कतें विभाग को बताए। (women farmer story)
योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को तकनीक आधारित खेती से जोड़ना है ताकि उनकी आजीविका में सुधार हो सके। जांच और कागजी कार्यवाही के बाद महिलाओं को टपक सिंचाई यंत्र मुफ्त में दिया जाता है। इससे उनका खर्च घटता है और उत्पादन बढ़ता है। (free irrigation tool)













