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Drip Irrigation Subsidy: किसानों के लिए सुनहरा मौका: माइक्रो इरीगेशन पर 90% तक सब्सिडी!

On: May 5, 2025 12:31 PM
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Drip Irrigation Subsidy: किसानों के लिए सुनहरा मौका: माइक्रो इरीगेशन पर 90% तक सब्सिडी!
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Drip Irrigation Subsidy, Golden opportunity for farmers in Uttar Pradesh Up to 90% subsidy on micro irrigation: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कद knocksम उठाया है। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत माइक्रो इरीगेशन सिस्टम पर 90% तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है।

यह योजना न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि किसानों की आय और फसल उत्पादकता को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। आइए, इस योजना की खासियत और आवेदन प्रक्रिया को विस्तार से जानें।

‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना का मकसद Drip Irrigation Subsidy

उत्तर प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना जल की हर बूंद का सही इस्तेमाल करने और खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर देती है।

आजमगढ़ जिले में 2025-26 के लिए 1970 हेक्टेयर क्षेत्र में माइक्रो इरीगेशन सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सामान्य किसानों के लिए 1537 हेक्टेयर और अनुसूचित जाति व जनजाति के किसानों के लिए 433 हेक्टेयर का विशेष प्रावधान है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन और जल संरक्षण की दिशा में प्रेरित करना है।

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माइक्रो इरीगेशन के फायदे

माइक्रो इरीगेशन, जैसे ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर सिस्टम, खेती में पानी की बर्बादी को रोकता है। यह तकनीक पानी को सीधे फसलों की जड़ों तक पहुंचाती है, जिससे 30-40% पानी की बचत होती है।

इसके साथ ही फसलों की गुणवत्ता में सुधार और उत्पादन में वृद्धि होती है। खासकर उन इलाकों में जहां पानी की कमी है, यह तकनीक किसी वरदान से कम नहीं। यह न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है, बल्कि किसानों की लागत को भी कम करता है।

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

इस योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों को ड्रिप सिंचाई और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम पर 90% तक की सब्सिडी मिलेगी। वहीं, अन्य किसानों को 80% तक अनुदान का लाभ मिलेगा।

इसके अलावा, पोर्टेबल स्प्रिंकलर और रेनगन स्प्रिंकलर सिस्टम पर भी 65-90% की सब्सिडी दी जाएगी। यह अनुदान किसानों के लिए आर्थिक बोझ को हल्का करेगा और उन्हें आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित करेगा।

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सब्जी खेती को भी प्रोत्साहन

सरकार सिर्फ सिंचाई तकनीकों पर ही नहीं, बल्कि सब्जी खेती को भी बढ़ावा दे रही है। संकर टमाटर, मसाला मिर्च, शिमला मिर्च और खरीफ प्याज की खेती के लिए 45 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को 75-90% तक की सब्सिडी मिलेगी। यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि बाजार में ताजी और गुणवत्तापूर्ण सब्जियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगा।

आवेदन कैसे करें?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान ऑनलाइन पोर्टल (http://www.dbt.uphorticulture.in) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के बाद, किसानों को अपनी हार्ड कॉपी 15 दिनों के भीतर नजदीकी उद्यान विभाग कार्यालय में जमा करनी होगी। ध्यान रहे, यह योजना ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर काम करती है। इसलिए, इच्छुक किसानों को जल्द से जल्द आवेदन करने की सलाह दी जाती है।

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किसानों के लिए सलाह

यह योजना किसानों के लिए सुनहरा अवसर है, लेकिन इसका लाभ उठाने के लिए समय पर आवेदन और सही दस्तावेज जमा करना जरूरी है।

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे योजना के नियमों और पात्रता को अच्छे से समझ लें। साथ ही, माइक्रो इरीगेशन सिस्टम की स्थापना के बाद उसका रखरखाव भी जरूरी है, ताकि इसका अधिकतम लाभ मिल सके।

क्यों जरूरी है यह योजना?

पानी की कमी और बढ़ती खेती की लागत आज के समय में किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। माइक्रो इरीगेशन न केवल इन समस्याओं का समाधान है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और सतत खेती को भी बढ़ावा देता है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह प्रयास न केवल किसानों की जिंदगी को आसान बनाएगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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