GST Relief for Farmers: Farmers are in luck! Tractors and fertilizers will become cheaper due to relief in GST, saving lakhs!: पटना: केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात दी है। कृषि उपकरणों, जैव-उर्वरकों, कीटनाशकों और डेयरी उत्पादों पर जीएसटी दरें घटाने का फैसला किया गया है।
इससे खेती की लागत कम होगी, मुनाफा बढ़ेगा और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, डेयरी सेक्टर और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी मजबूती मिलेगी।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जीएसटी की नई दरें और स्लैब कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएंगे। खासकर छोटे और मझोले किसानों को इसका सीधा फायदा होगा। कृषि उपकरणों पर जीएसटी कम होने से खेती सस्ती होगी और किसानों की कमाई बढ़ेगी।
सस्ते होंगे कृषि उपकरण GST Relief for Farmers
नई जीएसटी दरों से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर जैसे उपकरणों पर जीएसटी को 5% कर दिया गया है। उदाहरण के तौर पर, 9 लाख रुपये का ट्रैक्टर अब 65,000 रुपये सस्ता होगा। 35 एचपी ट्रैक्टर पर 41,000, 45 एचपी पर 45,000, 50 एचपी पर 53,000 और 75 एचपी ट्रैक्टर पर 63,000 रुपये की बचत होगी।
डेयरी सेक्टर को बड़ा फायदा
दूध और पनीर पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा। इससे डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ेगी और पशुपालकों को फायदा होगा। मक्खन, घी और दूध के डिब्बों पर भी जीएसटी कम की गई है, जिससे डेयरी सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसान और पशुपालक सीधे लाभान्वित होंगे।
जैविक खेती को बढ़ावा
जैव-कीटनाशकों और सूक्ष्म-पोषक तत्वों पर जीएसटी कम होने से जैविक खेती सस्ती होगी। अमोनिया, सल्फ्यूरिक एसिड और नाइट्रिक एसिड जैसे उर्वरक कच्चे माल पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दी गई है। इससे उर्वरकों की कीमतें कम होंगी और किसानों को राहत मिलेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ताकत
सीमेंट और लोहे पर जीएसटी कम होने से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाना सस्ता होगा। स्कूल, आंगनवाड़ी और पंचायत भवनों की लागत भी कम होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और मांग बढ़ने से बाजार में पैसा आएगा।
महिला समूहों को बढ़ावा
जीएसटी में छूट से लखपति दीदी आंदोलन और महिला स्वयं सहायता समूहों को गति मिलेगी। ये सुधार किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित होंगे। मांग बढ़ने से बाजार में पैसा आएगा, जिससे अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।












