Japanese pear farming: Cultivation of Japanese pear, farmers get huge income and access to foreign market: जापानी नाशपाती की खेती ने हरियाणा के किसानों की आर्थिक स्थिति को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। (Japanese pear farming) कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित इंडो इजराइल फ्रूट सेंटर में विकसित की गई ‘निजिसिकी’ नाशपाती की किस्म इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। (Indo Israel Fruit Center)
इस फल का स्वाद सेब और चीकू जैसा है, लेकिन मिठास थोड़ी कम होने के कारण यह शुगर के मरीजों के लिए भी सुरक्षित है। (low sugar fruits) इसकी पौष्टिकता इम्यूनिटी को मजबूत करती है, जिससे बाजार में इसकी भारी मांग है। (immunity boosting fruits)
विशेषज्ञों के अनुसार एक पौधा 50 किलो तक फल देता है और इसकी कीमत बाजार में ₹500 प्रति किलो तक है। यानि एक एकड़ से सालाना ₹5 लाख तक की कमाई संभव है। (fruit yield per acre)
देश-विदेश में बढ़ रही मांग Japanese pear farming
इस नाशपाती की खेती को लेकर बड़ी कंपनियां भी आकर्षित हो रही हैं। (fruit demand India) रिलायंस और मदर डेयरी सीधे किसानों से कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से यह फल खरीद रही हैं। (Mother Dairy fruit purchase)
इसके अतिरिक्त विदेशों में भी इस किस्म की नाशपाती का निर्यात बढ़ रहा है। (pear export India) किसान बताते हैं कि इससे उन्हें स्थायी आय मिल रही है और खेती का दायरा भी बढ़ा है। (profitable agriculture crops)
इस किस्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि एक बार पौधे लगाने पर यह 50 साल तक फल देता है। (Japanese pear farming) इससे किसानों को लंबी अवधि की कमाई की गारंटी मिलती है।
दूसरे राज्यों से भी बढ़ रही दिलचस्पी
हरियाणा ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, पंजाब जैसे राज्यों के किसान भी इन पौधों को खरीदने के लिए सेंटर पहुंच रहे हैं। (UP farmer pear farming) एक यूपी के किसान ने बताया कि वह पांच साल पहले यहां से पौधे ले गए थे और अब उनकी नाशपाती चंडीगढ़ की मार्केट में बिकती है। (Chandigarh fruit market)
इससे उन्हें सालाना ₹5 लाख तक की आय हो रही है और खेती का भरोसेमंद विकल्प मिल चुका है।













