Loharu Rainfall (भिवानी / लोहारू) : लोहारू और आसपास के क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद झमाझम बरसात ने जहां लोगों को राहत प्रदान की है वहीं बरसात से खरीफ की फसल अब बर्बादी के कगार पर है। सामान्य से अधिक बरसात ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। ज्यादा बारिश के कारण खरीफ की प्रमुख फसल ग्वार, मूंग, कपास व बाजरे की फसल को अब फायदे की बजाय नुकसान हो रहा है। ज्यादा बारिश के कारण कपास की फसल में टिंडों में ही बीज अंकुरित होने लग गया वहीं बाजरे की सीटियों में भी फुटाव शुरू हो गया है।
फसलों पर बारिश की मार
बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। रविवार की बात की जाए तो क्षेत्र से करीब 20 एमएम बरसात हुई है। बरसात के कारण खेतों में जाने वाले रास्तों पर लोगों को आवाजाही के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा है।
किसान धर्मपाल बारवास, राजेश सिंघानी, मोहन फरटिया, उमेद काजला, रवींद्र कस्वां, विनोद शर्मा, विष्णु शर्मा, रणधीर सांगवान, राजेश बरालू आदि ने बताया कि उनकी कपास, मूंग और बाजरे की फसल कर तैयार हो चुकी है। अब किसान कपास की चुगाई व मूंग और बाजरे की कटाई का कार्य शुरू कर दिया।
एक सप्ताह से हो रही वर्षा से फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि फसलों को 50 से 60 फीसद तक नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से स्पेशल गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
लोहारू में दुकानदारों के लिए आफत बनी बारिश
लोहारू शहर में बरसात ने जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी और दुकानदारों के लिए यह बारिश आफत बन गई। जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण कई दुकानों में पानी भर गया। शहर के लोग नगर प्रशासन से शहर की जल निकासी व्यवस्था को बार-बार मांग कर चुके हैं। परन्तु कथित तौर पर नपा प्रशासन इसके प्रति संजिदा दिखाई नहीं दे रहा है।
शहर में बूंदाबांदी और बवानीखेड़ा में 10 एमएम बारिश
भिवानी शहर में हल्की बारिश ही दर्ज की गई जबकि में बूंदाबांदी, ढिगावा मंडी में 3 एमएम, बहल में 8 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बवानीखेडा में 10 और लोहारू क्षेत्र में सर्वाधिक 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान जहां 32.0 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया वहीं न्यूनतम तापमान भी 22.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाओं में नमी की मात्रा 95 प्रतिशत जबकि हवाओं की गति 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रही। आईएमडी के अनुसार तीन सितंबर तक सामान्यतः बादल छाए रहेंगे तथा कुछ स्थानों पर वर्षा या गरज के साथ छींटे पड़ने के आसार बने हैं।
मौसम पूर्वानुमान
चौ. चरणसिंह हकृवि, हिसार कृषि मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया की मानसून टर्फ अब श्रीगंगानगर, शिवपुरी, दमोह, कलिंगापट्टनम से दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन पंजाब पर बने होने से अरब सागर से भी नमी वाली हवाएं मध्यप्रदेश, राजस्थान होते हुए हरियाणा की तरफ बढ़ने की संभावना से मानसून की गतिविधियां फिर से बढ़ी हैं।
रविवार सुबह से लेकर शाम तक भिवानी व आसपास के क्षेत्रों में बादलवाई छाई रही। सुबह रूक-रूककर क्षणिक फुहारें गिरी। दोपहर बाद हल्की से मध्यम बारिश हुई जिससे मौसम खुशनुमा बन गया। मानसून की गतिविधियां राज्य में एक बार फिर से बढ़ोतरी से राज्य में तीन सितंबर के दौरान राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में बादलवाई तथा बीच-बीच में हवाओं व गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज बारिश की भी संभावना है। इस दौरान वातावरण में नमी बढ्ने तथा तापमान में गिरावट रहने की संभावना है।













