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Paddy crop Blast disease: मानसून में धान की फसल पर खतरा! ब्लास्ट और कीटों से बचाने के लिए ये करें उपाय!

On: सितम्बर 6, 2025 6:42 अपराह्न
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Danger to rice crops during monsoon! Take these measures to protect them from blast and pests: मानसून में धान की फसल पर खतरा! ब्लास्ट और कीटों से बचाने के लिए ये करें उपाय!
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Paddy crop Blast disease, हिसार। मानसून के मौसम में धान की फसल को कई तरह के रोग और कीटों का खतरा रहता है। हिसार के हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के रीजनल डायरेक्टर डॉ. ओपी चौधरी ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसल की लगातार निगरानी करें। धान में ब्लास्ट, बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट, पत्ता लपेट सुंडी, सफेद पीठ वाला तेला और भूरा तेला जैसे कीटों का हमला हो सकता है। इनसे बचाव के लिए सही समय पर सही उपाय जरूरी हैं, ताकि फसल को नुकसान न हो।

ब्लास्ट और बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट से बचाव

डॉ. चौधरी के अनुसार, अगर धान की पत्तियों में ब्लास्ट (बदरा) के लक्षण दिखें, तो प्रति एकड़ 300 मिलीलीटर आइसोप्रोथियोलेन 40% ईसी (फ़ुजिवन) या 200 ग्राम कार्बेन्डाजिम 50 डब्ल्यूपी को 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। दूसरा छिड़काव 15 दिन बाद करें। बालियां निकलते समय खेत में पानी की कमी न होने दें। बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट से बचने के लिए खेत में पानी जमा न रहने दें।

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तेला और तना छेदक का इलाज

किसानों को सफेद पीठ वाला तेला और भूरा तेला कीटों की नियमित जांच करनी चाहिए। अगर ये कीट दिखें, तो 80 ग्राम डाईनोटिफ्यूरॉन 20% एसजी (ओशीन) या 120 ग्राम पाइमेट्रोजिन चेस 50 डब्ल्यूपी को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। लाइट ट्रैप का इस्तेमाल भी कीटों की निगरानी के लिए कारगर है। तना छेदक कीट के लिए 7.5 किलोग्राम कारटॉप हाइड्रोक्लोराइड (पदान/सेनवैक्स) 4 जी या फिप्रोनिल (रीजेन्ट/मोस्टल) 0.3 जी को 10 किलो सूखी रेत में मिलाकर प्रति एकड़ डालें।

सुंडी और पानी की देखभाल

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अगर प्रति पौधा 1-2 सुंडी या 10% पत्तियां प्रभावित दिखें, तो 50 ग्राम फ्लूबंडामाइड (टाकूमी 20% डब्ल्यूजी) को 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें या 4 किलोग्राम फरटेरा 0.4% जी को 10 किलो रेत में मिलाकर भुरकें। ज्यादा प्रभावित पौधों को नष्ट कर दें। धान की फसल में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। यूरिया की मात्रा भी फसल की किस्म के अनुसार डालें: कम अवधि की किस्मों में 84 किग्रा, मध्यम अवधि में 110 किग्रा, बासमती की बौनी किस्मों में 68 किग्रा और लंबी किस्मों में 42 किग्रा यूरिया तीन बार में रोपाई के तीन हफ्ते बाद डालें।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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