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Yamunanagar News: बिना QR स्कैन धान नहीं बिकेगा, डाउनलोड करनी होगी ई-खरीद एप्लीकेशन

On: नवम्बर 3, 2025 8:52 अपराह्न
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Yamunanagar News: बिना QR स्कैन धान नहीं बिकेगा, डाउनलोड करनी होगी ई-खरीद एप्लीकेशन
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यमुनानगर, (Yamunanagar News): दूसरे राज्यों का धान अनाज मंडियों में न बिक सके इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अब तकनीक का सहारा लेगा। अब जो भी किसान धान बेचना चाहता है उसे खुद मंडी में आना होगा। इतना ही नहीं वह मोबाइल भी साथ लेकर आना होगा जो उन्होंने पोर्टल पर पंजीकृत कराया है। मोबाइल में डाउनलोड एप्लीकेशन में जो क्यूआर कोड होगा उसे अनाज मंडी में स्कैन करने के बाद ही गेट पास काटा जाएगा। बिना क्यूआर कोड के कोई भी किसान मंडी में फसल नहीं बेच पाएगा।

QR कोड से धान बिक्री

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से किसानों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड आधारित गेट पास प्रणाली को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। इस संबंध में निदेशालय की ओर से सभी संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। नई योजना के अनुसार किसान को अपने मोबाइल में ई-खरीद मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करनी होगी।

ऐप डाउनलोड, मंडी में स्कैन

इस एप्लीकेशन से किसान अपना गेट पास और क्यूआर कोड किसी भी जगह से जनरेट कर सकेंगे। यह मोबाइल लेकर किसान को उस मंडी में जाना होगा जिसके लिए गेट पास जनरेट किया गया है। किसान के मोबाइल में दिखने वाले क्यूआर काेड को अनाज मंडी गेट पर बैठा कर्मचारी डिवाइस से स्कैन करेगा। इसके बाद ही किसान को मंडी से सत्यापित करके गेट पास दिया जाएगा।

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किसान मौजूद तो ही QR दिखेगा

खास बात यह है कि जब तब किसान मंडी में खुद मौजूद नहीं होगा तब तक मोबाइल में क्यूआर कोड दिखाई नहीं देगा। सिस्टम अपने आप उस गेटकीपर के मोबाइल डिवाइस की जानकारी भी दर्ज करेगा, जिससे स्कैनिंग की गई है। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गेटकीपर, नीलामी रिकार्डर और निरीक्षक को सिस्टम में ओटीपी-आधारित लॉगिन प्रमाणीकरण के माध्यम से लॉगिन करना अनिवार्य होगा। साथ ही हर उपयोगकर्ता एक समय में केवल एक ही डिवाइस पर लॉगिन रह सकेगा।

मंडियों में खरीद आंकड़े

व्यासपुर 65699, छछरौली 81910, गुमथला राव 9376, जगाधरी 91020, जठलाना 3540, खारवन 5671, प्रतापनगर 122805, सरस्वतीनगर 118270, रादौर 63828, रणजीतपुर 52189, रसूलपुर 14460, साढौरा 36338, यमुनानगर 501

दूसरे राज्यों की फसल खरीदने के लगते रहे हैं आरोप

सरकार पर आरोप लगते रहे हैं कि अनाज मंडियों में दूसरे राज्यों का धान मंगवा कर बेचा जा रहा है। इससे स्थानीय किसानों को परेशानी होती है। यह मामला खरीद के दौरान कई बार अमर उजाला ने भी प्रकाशित किया। इतना ही नहीं भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के पदाधिकारियों द्वारा उत्तर प्रदेश-यमुनानगर बॉर्डर के अलावा जिले की अंदरूनी सड़कों पर पर भी कई बार रात को पहरा देकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश से धान लेकर आ रहे वाहनों को पकड़ा।

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जिन्हें बॉर्डर से ही वापस भेज दिया गया। हालांकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के क्यूआर कोड संबंधित आदेश ऐसे समय पर आए हैं जब खेतों में धान खत्म हो चुका है। जिला की 13 अनाज मंडियों में अभी तक 6,65,606 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। मार्केट कमेटी जगाधरी के सचिव विशाल गर्ग का कहना है कि इस सिस्टम से धान खरीद में पारदर्शिता आएगी। किसानों को फायदा होगा। इसे लागू कर दिया गया है।

डीएफएससी, यमुनानगर जतिन मित्तल ने बताया कि अब बिना क्यूआर कोड स्कैन हुए किसान का गेट पास मंडियों में सत्यापित नहीं किया जाएगा। क्यूआर काेड तभी दिखेगा जब किसान मंडी में स्वयं मौजूद रहेगा। इसके लिए सभी मार्केट कमेटियों को अवगत करवा दिया गया है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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