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बजट सत्र में नया बीज कानून लाने की तैयारी, किसानों को मिलेगा बीजों की गुणवत्ता का भरोसा

On: December 24, 2025 7:56 AM
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बजट सत्र में नया बीज कानून लाने की तैयारी, किसानों को मिलेगा बीजों की गुणवत्ता का भरोसा
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सरकार आगामी बजट सत्र में नया बीज कानून संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान सम्मेलन के दौरान इसकी जानकारी दी। उनका कहना है कि इस कानून का मकसद किसानों को खराब और नकली बीजों से होने वाले नुकसान से बचाना और खेती की लागत को अधिक सुरक्षित बनाना है।

यह प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई हिस्सों से बीजों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

क्या है नया बीज कानून और क्यों जरूरी है

किसानों की पुरानी समस्या पर नया समाधान

भारत में खेती की सफलता काफी हद तक बीज की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बीज खराब हो तो किसान की पूरी मेहनत और निवेश बेकार हो सकता है।

कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश कुमार बताते हैं कि
“पिछले पांच वर्षों में कई राज्यों में खराब बीजों की वजह से उत्पादन में 10 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। नया कानून इस समस्या पर नियंत्रण ला सकता है।”

नए कानून में क्या हो सकते हैं प्रमुख प्रावधान

सरकारी संकेतों और विशेषज्ञ चर्चाओं के आधार पर, प्रस्तावित कानून में ये अहम बिंदु शामिल हो सकते हैं

  • बीजों की अनिवार्य गुणवत्ता जांच और प्रमाणन

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  • नकली बीज बेचने पर सख्त जुर्माना

  • बीज कंपनियों की जवाबदेही तय करना

  • किसानों को मुआवजे का स्पष्ट प्रावधान

  • स्थानीय और पारंपरिक बीजों के संरक्षण पर जोर

इन प्रावधानों का उद्देश्य किसानों का भरोसा बढ़ाना और कृषि बाजार को अधिक पारदर्शी बनाना है।

शिवराज सिंह चौहान का बयान

किसान सम्मेलन में बोलते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि
“किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्हें ऐसा बीज मिलना चाहिए जो भरोसेमंद हो और उनकी मेहनत का पूरा फल दे।”

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उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार किसानों से जुड़े कानून बनाते समय राज्यों और कृषि विशेषज्ञों की राय को प्राथमिकता देगी।

पहले भी हो चुकी है कोशिश

भारत में बीज कानून को लेकर पहले भी प्रयास किए गए हैं। सीड बिल 2019 इसी दिशा में एक कदम था, लेकिन विभिन्न कारणों से वह कानून नहीं बन सका। इस बार सरकार ज्यादा व्यावहारिक और संतुलित ढांचा लाने की बात कर रही है।

किसानों और कृषि क्षेत्र पर असर

क्यों है यह कानून अहम

  • फसल नुकसान के मामलों में कमी आ सकती है

  • खेती की लागत और जोखिम घट सकता है

  • उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में सुधार संभव

  • बीज बाजार में भरोसा और पारदर्शिता बढ़ेगी

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कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कानून सही तरीके से लागू हुआ, तो यह कृषि सुधारों की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।

आगे क्या होगा

बजट सत्र में कानून पेश होने के बाद इसे संसदीय समिति के पास भेजा जा सकता है। वहां से सुझाव आने के बाद अंतिम रूप देकर इसे लागू किया जाएगा। सरकार का दावा है कि किसानों के हित सर्वोपरि रखे जाएंगे।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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