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Top 5 Mango Varieties: आम की खेती से मालामाल बनें, 5 उन्नत किस्में जो देंगी 17 टन तक पैदावार

On: अप्रैल 29, 2025 2:00 अपराह्न
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Top 5 Mango Varieties: आम की खेती से मालामाल बनें, 5 उन्नत किस्में जो देंगी 17 टन तक पैदावार
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Top 5 Mango Varieties In India farmers will become rich by cultivating improved varieties:
भारत में आम को ‘फलों का राजा’ कहा जाता है, और इसकी मिठास व सुगंध ने इसे घरेलू और वैश्विक बाजारों में खास बनाया है। खेती के क्षेत्र में नई तकनीकों और उन्नत बीजों ने किसानों के लिए समृद्धि के द्वार खोल दिए हैं।

खास तौर पर, पूसा प्रतिभा, पूसा श्रेष्ठ, पूसा पीतांबर, पूसा लालिमा, और पूसा मनोहारी जैसी आम की उन्नत किस्में किसानों को कम समय में अधिक मुनाफा देने का वादा करती हैं।

ये किस्में उच्च पैदावार, रोग प्रतिरोधकता, और बेहतरीन स्वाद के लिए जानी जाती हैं। आइए, इन पांच उन्नत किस्मों की खासियतों को जानें और समझें कि ये आपकी खेती को कैसे बदल सकती हैं।

Top 5 Mango Varieties: पूसा प्रतिभा, बाजार की पहली पसंद

2012 में लॉन्च की गई पूसा प्रतिभा उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों के लिए आदर्श है। यह किस्म 13-15 टन प्रति हेक्टेयर की औसत पैदावार देती है। इसके फल आकर्षक लाल छिलके और नारंगी गूदे के साथ आते हैं, जिनका औसत वजन 181 ग्राम होता है।

फलों में 71.1% गूदा, 19.6 ब्रिक्स घुलनशील ठोस पदार्थ, 9 मिलीग्राम/100 ग्राम विटामिन C, और 11,474 माइक्रोग्राम/100 ग्राम बीटा-कैरोटीन होता है। इ

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सकी सुगंध और 7-8 दिन की शेल्फ लाइफ इसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेहद लोकप्रिय बनाती है। कम दूरी (6 मीटर × 6 मीटर) पर रोपाई के लिए उपयुक्त यह किस्म नियमित फलन देती है, जिससे किसानों को स्थिर आय मिलती है।

पूसा श्रेष्ठ: स्वाद और सुंदरता का संगम

पूसा श्रेष्ठ भी 2012 में विमोचित हुई और पूरे भारत में खेती के लिए अनुकूल है। यह किस्म 12-16 टन प्रति हेक्टेयर की पैदावार देती है। इसके फल लंबे, लाल छिलके वाले, और नारंगी गूदे के साथ आकर्षक होते हैं, जिनका औसत वजन 228 ग्राम और गूदा 71.9% होता है।

फलों में 20.3 ब्रिक्स घुलनशील ठोस पदार्थ, 3 मिलीग्राम/100 ग्राम विटामिन C, और 10,964 माइक्रोग्राम/100 ग्राम बीटा-कैरोटीन पाया जाता है। 7-8 दिन की शेल्फ लाइफ और शानदार सुगंध के साथ यह किस्म घरेलू और निर्यात बाजारों में मांग को पूरा करती है। मध्यम आकार के पौधे और कम दूरी की रोपाई इसे छोटे और बड़े किसानों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

पूसा पीतांबर: पीले रंग का जादू

2012 में लॉन्च पूसा पीतांबर 12-16 टन प्रति हेक्टेयर की पैदावार देती है और पूरे भारत में उगाई जा सकती है। इसके गोल-लंबे फल उज्ज्वल पीले छिलके और रसदार गूदे (76%) के साथ आते हैं, जिनका औसत वजन 213 ग्राम होता है। फलों में 18.8 ब्रिक्स घुलनशील ठोस पदार्थ, 39.8 मिलीग्राम/100 ग्राम विटामिन C, और 11,737 माइक्रोग्राम/100 ग्राम बीटा-कैरोटीन होता है।

इसकी सुगंध और 5-6 दिन की शेल्फ लाइफ इसे बाजार में खास बनाती है। कम दूरी (6 मीटर × 6 मीटर) पर रोपाई के लिए यह किस्म मध्यम ओजस्वी और नियमित फलन वाली है, जो किसानों को स्थिर मुनाफा देती है।

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पूसा लालिमा: लाल-नारंगी रंग का आकर्षण

पूसा लालिमा, 2012 में विकसित, 12-15 टन प्रति हेक्टेयर की पैदावार देती है। इसके फल आकर्षक लाल-नारंगी छिलके और नारंगी गूदे (71.1%) के साथ मध्यम आकार (209 ग्राम) के होते हैं। फलों में 17.0 ब्रिक्स घुलनशील ठोस पदार्थ, 34.7 मिलीग्राम/100 ग्राम विटामिन C, और 13,028 माइक्रोग्राम/100 ग्राम बीटा-कैरोटीन पाया जाता है।

5-6 दिन की शेल्फ लाइफ और सुगंध के साथ यह किस्म घरेलू और निर्यात बाजारों के लिए उपयुक्त है। कम दूरी की रोपाई और नियमित फलन इसे छोटे किसानों के लिए भी लाभकारी बनाता है।

पूसा मनोहारी: निर्यात का नया सितारा

2021 में लॉन्च पूसा मनोहारी 15-17 टन प्रति हेक्टेयर की शानदार पैदावार देती है। इसके मध्यम आकार (223 ग्राम) के फल हरे-पीले छिलके और हल्के गुलाबी कंधे के साथ लाल-नारंगी गूदे वाले होते हैं। फलों में 18.38 ब्रिक्स घुलनशील ठोस पदार्थ, 39.78 मिलीग्राम/100 ग्राम विटामिन C, और 9.73 मिलीग्राम/किलोग्राम बीटा-कैरोटीन होता है।

इसकी सुगंध और निर्यात के लिए उपयुक्तता इसे किसानों के लिए खास बनाती है। कम दूरी की रोपाई और नियमित फलन के साथ यह किस्म उत्तर और मध्य भारत के लिए आदर्श है।

किसानों के लिए सलाह

कृषि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन उन्नत किस्मों का चयन करते समय स्थानीय जलवायु, मिट्टी, और बाजार की मांग को ध्यान में रखें। अपने नजदीकी कृषि अनुसंधान केंद्र से संपर्क करें और सही रोपाई तकनीकों, जैविक खाद, और समय पर सिंचाई का उपयोग करें। ये किस्में न केवल पैदावार बढ़ाएंगी, बल्कि रोगों और कीटों से भी फसलों की रक्षा करेंगी।

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आम की खेती, समृद्धि का रास्ता

पूसा प्रतिभा (Top 5 Mango Varieties), पूसा श्रेष्ठ, पूसा पीतांबर, पूसा लालिमा, और पूसा मनोहारी जैसी उन्नत किस्में आम की खेती को एक लाभकारी व्यवसाय में बदल रही हैं। 12-17 टन प्रति हेक्टेयर की पैदावार, बेहतरीन स्वाद, और निर्यात की संभावनाओं के साथ ये किस्में किसानों के लिए सुनहरा अवसर हैं। अगर आप आम की खेती शुरू करना चाहते हैं या अपनी मौजूदा खेती को बेहतर करना चाहते हैं, तो इन किस्मों को चुनें और समृद्धि की नई राह पर चल पड़ें।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

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