चंडीगढ़, Chandigarh Fountain Revenue: चंडीगढ़ नगर निगम ने शहर को और खूबसूरत बनाने के साथ-साथ कमाई का नया रास्ता निकाला है। शहर की ग्रीन बेल्ट और पार्कों में लगे 52 फाउंटेन अब कंपनियों को सौंपे जाएंगे। इन फाउंटेन को चलाने और मेंटेन करने का जिम्मा कंपनियों का होगा, और बदले में वे अपने ब्रांड के साइन बोर्ड लगा सकेंगी। इससे नगर निगम को हर साल 3 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलेगा। अभी निगम को फाउंटेन चलाने और उनकी देखभाल पर हर महीने 20 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
कंपनियों को क्या करना होगा?
नगर निगम के हॉर्टिकल्चर विंग ने इस काम के लिए टेंडर जारी किया है। कंपनियां हर फाउंटेन पर 4x1x1.5 फुट के छह साइन बोर्ड लगा सकेंगी। इसके लिए उन्हें 1954 के एडवर्टाइजमेंट कंट्रोल ऑर्डर के तहत लाइसेंस फीस देनी होगी। टेंडर की बिड 30 सितंबर को ली जाएगी और उसी दिन टेक्निकल बिड खोली जाएगी। कागजों की जांच के बाद योग्य कंपनियों की फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। जो कंपनी सबसे ज्यादा बोली लगाएगी, उसे अलॉटमेंट लेटर मिलेगा।
चंडीगढ़ में टेंडर की शर्तें क्या हैं?
टेंडर में कई शर्तें रखी गई हैं। एक कंपनी एक से ज्यादा फाउंटेन ले सकती है। हर साल साइन बोर्ड की लाइसेंस फीस 10 फीसदी बढ़ेगी। फाउंटेन का मेंटेनेंस और ऑपरेशन दो साल के लिए दिया जाएगा। कंपनी को पानी, बिजली और बोलार्ड का बिल खुद भरना होगा। साथ ही, फाउंटेन की सफाई भी कंपनी को करवानी होगी। अगर इंस्पेक्शन में सफाई नहीं मिली या पंप ब्लॉक पाया गया, तो प्रति फाउंटेन प्रति दिन 1000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
फाउंटेन का ब्यौरा
शहर की ग्रीन बेल्ट और पार्कों में 52 फाउंटेन हैं। इनमें से 22 फाउंटेन 1000 वर्ग फुट से ज्यादा क्षेत्र में हैं, जबकि 30 फाउंटेन 1000 वर्ग फुट से कम क्षेत्र में हैं। इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ फाउंटेन की देखभाल बेहतर होगी, बल्कि नगर निगम को भी बड़ा आर्थिक फायदा होगा। यह कदम शहर को और आकर्षक बनाने के साथ-साथ कमाई का नया जरिया भी बनेगा।












