APK file scam, (नारनौल) : नारनौल जिला पुलिस ने साइबर फ्रॉड से बचने के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर आने वाली APK फाइलों को भूलकर भी न खोलें, क्योंकि ये साइबर ठगी का नया हथियार बन रही हैं। इन फाइलों को तुरंत डिलीट कर देना चाहिए। साइबर ठग इनका इस्तेमाल करके आपके फोन को हैक कर सकते हैं और आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं। आइए, इस एडवाइजरी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
साइबर ठगों के नए हथियार APK फाइल्स
पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ ने बताया कि जिला पुलिस लगातार सोशल मीडिया, एडवाइजरी और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने की सलाह दे रही है। उन्होंने कहा कि स्कैमर व्हाट्सएप पर APK फाइल्स भेजकर लोगों को ठगने के नए-नए तरीकेadopt कर रहे हैं। APK यानी ‘एंड्रॉयड पैकेज किट’ एक तरह की फाइल होती है, जिसके जरिए ऐप्स इंस्टॉल किए जाते हैं। लेकिन स्कैमर इन फाइलों में मैलवेयर डालकर आपके फोन को हैक कर सकते हैं। इससे आपकी गोपनीय जानकारी, जैसे मैसेज, लोकेशन और फाइल्स, खतरे में पड़ सकती हैं।
फर्जी ऐप्स से कैसे बचें?
पुलिस ने सलाह दी है कि अनजान नंबरों से आने वाली APK फाइल्स को डाउनलोड करने या क्लिक करने से बचें। इसके बजाय, हमेशा गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही ऐप्स डाउनलोड करें। साथ ही, अपने फोन और ऐप्स को हमेशा लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट रखें। फर्जी ऐप्स का पता लगाने के लिए अपने एंड्रॉयड फोन में गूगल प्ले स्टोर पर जाकर ‘Play Protect’ ऑप्शन में जाएं। वहां ‘Harmful Apps’ चेक करने का विकल्प मिलेगा। अगर कोई खतरनाक ऐप मिलता है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें।
इन बातों का रखें ध्यान
एसपी पूजा वशिष्ठ ने लोगों से अपील की है कि व्हाट्सएप या किसी अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से आने वाली APK फाइल्स या लिंक्स को न खोलें। अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज या कॉल्स को इग्नोर करें। फ्री गिफ्ट, लॉटरी या ज्यादा रिटर्न के लालच में न फंसें। किसी भी थर्ड-पार्टी ऐप को अपने फोन में इंस्टॉल न करें। इन सावधानियों को अपनाकर आप साइबर ठगी से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।













