पानीपत, 19 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा के पानीपत जिले में स्थित प्रसिद्ध चुलकाना धाम के विकास को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट की बैठक में श्री बाबा खाटूश्याम श्राइन बोर्ड के गठन के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस कदम से समालखा स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर का प्रबंधन अब माता मनसा देवी और शीतला माता श्राइन बोर्ड की तर्ज पर पेशेवर तरीके से चलाया जाएगा। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के इस केंद्र पर अब बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद रास्ता साफ
इस मामले में कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। दरअसल, 23 जनवरी 2025 को कैबिनेट ने श्राइन बोर्ड गठन को मंजूरी दी थी, लेकिन श्रीश्याम मंदिर सेवा समिति की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी। अब 14 मई को हाई कोर्ट ने मामले का अंतिम रूप से निपटान करते हुए सरकार को तुरंत बोर्ड गठित करने का आदेश दिया। अदालत में हरियाणा के एडवोकेट जनरल ने साफ किया कि नई व्यवस्था में पुरानी मंदिर समिति का एक प्रतिनिधि भी शामिल रहेगा।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
सरकार के पास मौजूद योजना के तहत यह पूरा श्राइन बोर्ड 4.68 एकड़ क्षेत्र में काम करेगा, जो वर्तमान में श्री श्याम बाबा मंदिर के अधीन है। बोर्ड बनने के बाद यहां आने वाले भक्तों को जाम और भीड़ से मुक्ति मिलेगी। परिसर में बड़ी पार्किंग, ठहरने के लिए आधुनिक धर्मशालाएं, साफ पेयजल, पुख्ता सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस फैसले के बाद चुलकाना धाम में वीआईपी और सामान्य श्रद्धालुओं का प्रबंधन अधिक संगठित ढंग से हो सकेगा।
महाभारत कालीन इतिहास और बर्बरीक की गाथा
पानीपत के समालखा से महज 5 किलोमीटर दूर चुलकाना धाम का नाता सीधे महाभारत काल से जुड़ा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलियुग के देवता कहे जाने वाले भगवान खाटूश्याम असल में वीर योद्धा बर्बरीक हैं और यह स्थान उनकी प्राचीन तपोस्थली है। यही वह जगह है जहां बर्बरीक ने भगवान श्रीकृष्ण को अपने शीश का दान दिया था। इसी ऐतिहासिक महत्व के कारण हर महीने एकादशी और फाल्गुन मेले में यहां दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और यूपी से लाखों लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।
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