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Kaithal में खिलाड़ियों का सपना टूटा: गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम जर्जर, सुविधाओं के लिए तरस रहे खिलाड़ी!

On: August 30, 2025 12:16 PM
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Kaithal में खिलाड़ियों का सपना टूटा: गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम जर्जर, सुविधाओं के लिए तरस रहे खिलाड़ी!
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Guru Gobind Singh Stadium Kaithal (कैथल) : खिलाड़ियों को खेल सुविधाएं मिलेंगी तो ही अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में पदक लेकर आएंगे। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है स्टेडियम का होना। करीब 17 साल पहले गांव खानपुर के पास एकमात्र जिला स्तरीय गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम बनाया गया था।

स्टेडियम की देखरेख भी ठीक से नहीं की जा रही थी, जिस कारण अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं इसी स्टेडियम में करवाई जाती हैं। करीब 20 एकड़ में स्टेडियम बना हुआ है।

जिला स्तरीय इस स्टेडियम में बड़ी बड़ी घास खड़ी हो गई थी। वह लगाने वाला ट्रैक उबड़-खाबड़ हो गए हैं। स्टेडियम की छत तक टूट चुकी है। इसमें बने इंडोर स्टेडियम की छत भी खराब हो चुकी है। शौचालयों के गेट तक नहीं हैं। स्टेडियम के गेट के बाहर और अंदर घास और गंदगी जमा है। खेल स्टेडियम बनने के बाद भी खिलाड़ी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। पूरे खेल स्टेडियम में लाइट की व्यवस्था का प्रबंध भी ठीक नहीं है।

सफाई न होने के कारण कई बार सांप व अन्य जीव स्टेडियम में निकल आते हैं। बता दें कि वर्ष 2008 में कांग्रेस की सरकार ने करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम का निर्माण करवाया था। उस समय यह बात भी सामने आई थी कि स्टेडियम को शहर
में बनाया जाए, लेकिन तत्कालीन सरकार ने ऐसा नहीं किया।

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जिले में इन खेलों के नहीं है कोच

जिले में इस समय 12 खेलों के सरकारी कोच नहीं हैं। इनमें तैराकी, शूटिंग, बैडमिंटन, वेट लिफ्टिंग, क्रिकेट, ताईक्वांडे, कराटे, टेबल टेनिस, लन टेनिस, तांगथा, नौकायान, मलखंभ खेल शामिल हैं। इन खेलों के जिलेभर में करीब 350 खिलाड़ी हैं।

लाइट की व्यवस्था नहीं, शौचालय भी हो चुके बदहाल

खेल विभाग की तरफ से गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम में ही खेल सुविधा केंद्र बनाया गया है। इसके निर्माण पर करीब दो करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए गए है। करीब पांच साल पहले सुविधा केंद्र का शुभारंभ हुआ था, लेकिन एक बार भी इसमें खिलाड़ी रुकने के लिए नहीं आए। अब यहां हालात ये हो गए हैं कि दरवाजे टूटे पड़े है। गंदगी फैली रहती है और शीशे भी टूट चुके हैं।

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जिला स्तरीय खेल स्टेडियम में सफाई व्यवस्था नहीं है। कई बार सांप व अन्य जीव स्टेडियम में निकल आते हैं, जिससे खिलाड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खिलाड़ियों को उनसे डर भी लगा रहता है। विभाग जल्द से जल्द इन समस्याओं को दूर करे।

यहां स्थित है राजीव गांधी स्टेडियम और बड़े खेल स्टेडियम

• गांव हाबड़ी स्थित अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हाकी खेल स्टेडियम।
• छोटू राम इंडोर खेल स्टेडियम कैथल।
• पटटी अफगान स्थित गुरु गोबिद सिंह जिला स्तरीय खेल स्टेडियम ।
• गांव क्योड़क स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम।
• फतेहपुर पंडरी स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम।
• गांव भागा स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम।
• गांव मलिकपुर स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम।
• गांव बात स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम ।
• गांव भागल स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम ।

फायर सिस्टम नहीं कर रहे काम

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इसमें करीब छह साल पहले आग बुझाने वाले उपकरण हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से लगाए गए थे। इस कार्य पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए गए थे। एक बार चलने के बाद ये उपकरण देवारा नहीं चले हैं और न ही जरूरत पड़ने पर चल पाएंगे।

स्टेडियम में इसके लिए एक अलग से बेसमेंट कमरा बनाया हुआ है। उसमें कई लाखों रुपये की मशीनें और जनरेटर रखा हुआ है। उस कमरे में पानी भर चुका है। कमरे के साथ ही पानी का टैंक बनाया हुआ जिसमें से पानी आता है। खेल विभाग की तरफ से तीन बार हशविप्रा को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अगर कभी आगजनी हो जाती है तो उस पर काबू पाना आसान नहीं होगा स्टेडियम के अंदर चारों तरफ सड़े पाइप लगाए हुए हैं, जो अब टूटना शुरू हो चुके हैं।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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