Binge Eating Disorder: Manju remains hungry even after eating 60 rotis! The mysterious illness of a woman from Madhya Pradesh shocked everyone: राजगढ़ | मध्य प्रदेश के राजगढ़ से एक ऐसी बीमारी का मामला सामने आया है, जो किसी रहस्य से कम नहीं। यहां की रहने वाली मंजू नाम की महिला दिनभर में 50-60 रोटियां खा लेती हैं, लेकिन फिर भी उनकी भूख नहीं मिटती।
न तो उन्हें तृप्ति का अहसास होता है और न ही शरीर में एनर्जी आती है। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, मंजू ने अपनी इस अजीब बीमारी के इलाज में लाखों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन बीमारी का सही कारण अब तक नहीं पता चल सका। उनके परिवार का कहना है कि अगर मंजू बार-बार खाना नहीं खातीं, तो उन्हें अंदर से बेचैनी होने लगती है। जहां आम इंसान 3-4 रोटियां खाकर संतुष्ट हो जाता है, वहीं मंजू को एक बार में 10-12 रोटियां खानी पड़ती हैं।
भूख नहीं, मानसिक बीमारी है कारण Binge Eating Disorder
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कोई सामान्य शारीरिक समस्या नहीं, बल्कि एक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारी है। इसमें मरीज को बार-बार भूख का अहसास होता है, चाहे खाने की जरूरत हो या न हो। इसे साइकियाट्रिक डिसऑर्डर कहते हैं।
कई बार यह बिंज ईटिंग डिसऑर्डर (Binge Eating Disorder) की वजह से भी होता है। फरीदाबाद के अमृता अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मीनाक्षी जैन बताती हैं, “यह सिर्फ ज्यादा खाने की आदत नहीं है। इसके पीछे गंभीर मेडिकल समस्या हो सकती है। अगर कोई इतना खाने के बाद भी भूखा महसूस करता है, तो यह खतरे का संकेत है। ऐसे में इलाज में देरी से शरीर और दिमाग दोनों को नुकसान हो सकता है।”
लाखों रुपये खर्च, फिर भी राहत नहीं
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, मंजू के इलाज में पिछले तीन सालों में 5-7 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। परिवार का कहना है कि अब उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं बचे हैं। डॉक्टरों ने मंजू को फल और हल्का खाना खाने की सलाह दी है, लेकिन बीमारी का स्थायी इलाज अब तक नहीं मिल सका।
सरकार से मदद की आस
इस बीमारी ने मंजू के परिवार पर भारी आर्थिक बोझ डाल दिया है। अब परिवार ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सरकारी सहायता मिलने पर ही आगे का इलाज संभव हो पाएगा। अभी तक कोई सरकारी मदद नहीं मिली है, लेकिन परिवार को उम्मीद है कि उनकी पुकार सुनी जाएगी।












