ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Agriculture News: वर्मी कम्पोस्ट से कमाई का नया मॉडल: किसान रमेश ने जैविक खेती की तस्वीर बदल दी

On: जुलाई 28, 2025 8:47 पूर्वाह्न
Follow Us:
Agriculture News: वर्मी कम्पोस्ट से कमाई का नया मॉडल: किसान रमेश ने जैविक खेती की तस्वीर बदल दी
Join WhatsApp Group

Agriculture News: New model of earning from vermicompost: Farmer Ramesh changed the picture of organic farming: वर्मी कम्पोस्ट (vermi compost) आज जैविक खेती की रीढ़ बन चुका है। राजस्थान के पाली जिले में एक छोटे से गांव के किसान रमेश पंवार ने इसे गम्भीरता से अपनाया और देखते ही देखते वह जैविक खेती में सफलता की मिसाल बन गए।

शुरुआत में लोगों ने मज़ाक उड़ाया लेकिन रमेश के जुनून और लगातार प्रयासों ने उन्हें “काला सोना” के निर्माता बना दिया। आज उनके खेतों में उगने वाले फल और सब्जियां न सिर्फ ज़हरीले रसायनों से मुक्त हैं बल्कि स्वाद और पोषण में भी अव्वल हैं।

कैसे बनता है वर्मी कम्पोस्ट? Agriculture News

औषधीय पौधों की खेती कैसे शुरू करें? जानिए शतावर, मूसली और मेंथा का सटीक बाजार भाव | medicinal-plants-farming-shatavari-mentha-ashwagandha-profit-cost-market-rate
औषधीय पौधों की खेती कैसे शुरू करें? जानिए शतावर, मूसली और मेंथा का सटीक बाजार भाव

वर्मी कम्पोस्ट जैविक अपशिष्ट और गोबर से तैयार किया जाने वाला खाद है जो केंचुओं द्वारा निर्मित होता है। इसमें केंचुए गोबर, सूखे पत्ते और अन्य जैविक पदार्थों को खाकर उपजाऊ खाद (organic fertilizer) बनाते हैं। इसे बनाने की प्रक्रिया काफी आसान है—ज़मीन पर प्लास्टिक बिछाकर बेड तैयार किया जाता है, जिसमें गोबर और सूखे पत्ते फैलाए जाते हैं।

फिर इसमें केंचुए डाले जाते हैं और ऊपर से सूखी घास या पुआल से ढक दिया जाता है। हर दिन पानी का छिड़काव होता है और 45–60 दिन में ये वर्मी कम्पोस्ट तैयार हो जाता है। इसकी कीमत लगभग 10–12 रुपये प्रति किलो है और इसकी मांग मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु के साथ-साथ दुबई और सिंगापुर तक है (compost demand).

जैविक खेती का भविष्य और वर्मी कम्पोस्ट की भूमिका

PM Kisan 24th Installment: क्या दिवाली से पहले आएगी अगली किस्त? जानें सरकार का ताजा अपडेट | pm-kisan-24th-installment-expected-date-ekyc-land-seeding-update
PM Kisan 24th Installment: क्या दिवाली से पहले आएगी अगली किस्त? जानें सरकार का ताजा अपडेट

लंबे समय तक रासायनिक खादों का उपयोग खेतों की उपजाऊ ताकत को ख़त्म कर देता है। लेकिन वर्मी कम्पोस्ट (worm compost) से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और फसलें ज़हरमुक्त, पोष्टिक व स्वादिष्ट होती हैं। रमेश ने ना सिर्फ खुद के खेतों में इसका इस्तेमाल किया बल्कि आस-पास के किसानों को भी ट्रेनिंग दी।

आज उनके बनाए खाद की गुणवत्ता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी है। शहरी लोग भी अब अपनी छत पर जैविक सब्जियां उगा रहे हैं और जैविक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है (organic compost, vermiculture farming).

कमरे में उगेगा केसर: 10 से 12 डिग्री तापमान में 3 महीने में तैयार होगी फसल, जानें पूरा प्रोसेस | amreli-farmer-indoor-saffron-farming-gujarat-setup-cost-details
कमरे में उगेगा केसर: 10 से 12 डिग्री तापमान में 3 महीने में तैयार होगी फसल, जानें पूरा प्रोसेस

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment