Shakunthala Murder Case Kerala: बच्चों से मोह में प्रेमिका की मां को मारा, फिर सदमे में खुद भी की आत्महत्या

Murder Case Kerala: कहानी भारत के केरल में हुए ऐसे हत्याकांड की जिसमें कत्ल से ज्यादा उसकी इंवेस्टिगेशन चर्चा का विषय रही। ये केस भारत के सबसे मुश्किल और पेचीदा मामलों में से एक माना जाता है। क्योंकि इसमें कोई सुराग था ही नहीं, जिसके जरिए कातिल का पता लगाया जा सकता था।
Shakunthala Murder Case Kerala: केरल के एर्नाकुलम की एक व्यक्ति के बच्चों से लगाव की कुछ ऐसी कहानी है जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाएगा। इसी के साथ इस मर्डर से ज्यादा इस वारदात की जांच ज्यादा चर्चा में रही। वाकया 2018 कहा है।
एर्नाकुलम में कुंबलम के पास एक नदी के किनारे कई महीनों से नीले रंग का ड्रम पड़ा था। लोगों ने उस पर पहले तो गौर किया नहीं, लेकिन जब उससे काफी ज्यादा दुर्गंध आनी शुरू हुई तो वहां से गुजरने वाले लोगों का उस पर ध्यान उस जाने लगा।
कुछ मछुआरों ने एक दिन सोचा कि क्यों न इस ड्रम को खोलकर देखें। जैसे ही मछुआरे उस ड्रम के पास पहुंचे तो उन्हें दुर्गंध और ज्यादा महसूस हुई। मछुआरों को शक हुआ कि यह दुर्गंध किसी शव की है, इसलिए उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
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नदी किनारे मिले ड्रम में मिली गल चुकी हडिडयां व अन्य सामान
पुलिस ने तुरंत मौके पर आकर ड्रम काटना शुरू किया। उन्होंने देखा उसमें कंक्रीट व ईंटें भरी थी। पुलिस ने फिर लोहे की रोड से उसे तोड़ा तो देखा कि उसमें मानव कंकाल था। शव बहुत सारी हड्डियां गल चुकी थीं,
लेकिन खोपड़ी और पैर का हिस्सा आदि कुछ चीजें अब भी बची थीं। कंक्रीट को और तोड़ा गया तो उसमें एक अंडरगार्मेंट, बालों का एक गुच्छा, चांदी की चेन, कुछ भारतीय करंसी मिली, और एक कपड़े का टुकड़ा मिला।
पुलिस के लिए कई चुनौतियां
पुलिस ने ड्रम से मिली सारी चीजों को फॉरेंसिक जांच के लिए एर्नाकुलम के एक मेडिकल कॉलेज में भेजा। चिकित्सकों के सामने अब काफी चुनौतियां थीं। उन्हें सबसे पहले पता लगाना था कि यह कंकाल किसी पुरुष का है अथवा महिला का। मृतक की उम्र क्या थी और उसकी मौत की वजह क्या थी?
सबसे पहले हड्डियों को रीअरेंज किया गया ताकि मृतक की हाइट पता चल सके। जबड़ों की हड्डियों को रिकंस्ट्रक्ट किया गया, ताकि मृृतक की उम्र व जेंडर पता किया जा सके। जो बालों के गुच्छे मिले थे उनसे शव किसी महिला का लगा रहा था, लेकिन आजकल लड़के भी लंबे बाल रखते हैं, इसलिए बालों से पता लगाना भी मुश्किल था कि ये लड़के का शव था या लड़की का।
किसी लड़की का था शव
जांच में पता चला कि मृतक की हाइट एवरेज थी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह साफ होता गया कि शव किसी लड़की का था, जिसकी उम्र 20 से 25 साल के बीच थी। तीन दिन मतलब आठ से 11 जनवरी 2018 तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चली और हड्डियों से जो भी जानकारी मिलनी थी, लगभग मिल चुकी थी।
अब बाकी मिली चीजों की जांच की जानी थी। पुलिस जांच में जुटी थी। तभी अधिकारियों को शक हुआ कि यह हत्या नवंबर 2016 से पहले की गई होगी, क्योंकि मृतक के पास से जो भारतीय करंसी मिली थी, उनमें तीन 500-500 रुपए के नोट पुराने थे। जो नोटबंदी से पहले इस्तेमाल किए जाते थे, ये वे नोट थे।
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पास रहने वाले लोग समझते थे कि बहकर आया होगा ड्रम
नदी के समीप रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि वे ड्रम को सितंबर 2016 से देखते आ रहे हैं और उन्हें लगता था कि यह कहीं से बहकर आया होगा। इसलिए किसी ने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। पुलिस को कुछ जानकारी तो मिल चुकी थी, लेकिन उन्हें और भी जानकारियां चाहिए थीं, इसलिए जांच को और तेजी से बढ़ाया गया।
मामले के जांच अधिकारी सिबी टॉम. टॉम थे और उनकी गिनती ऐसे अधिकारियों में थी जो मुश्किल से मुश्किल केस को आसानी से सुलझा लेते थे। जब यह मामला उनके पास आया तो पहली बार तो वह भी उलझन में पड़ गए, क्योंकि उन्होंने अपने करियर में इससे पेचीदा केस अब तक कभी नहीं देखा था।
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हड्डी से मिले 6.6 सेंटीमीटर स्क्रू वॉशर ने सुलझाई गुत्थी
सिबी टॉम को 11 जनवरी 2018 की शाम को पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने कॉल करके बताया कि उन्हें पैर की हड्डी से 6.6 सेंटीमीटर स्क्रू वॉशर मिला है। डॉक्टर ने सिबी टॉम से कहा, पता नहीं यह स्क्रू वॉशर आपके केस में काम आएगा या नहीं।
उन्होंने कहा, हो सकता है विक्टिम का एक्सीडेंट हुआ हो और सर्जरी के समय इसे पैर पर लगाया गया हो। डॉक्टर ने बताया कि स्क्रू वॉशर पर कुछ लिखा भी हुआ है, लेकिन हमारे पास इतना एडवांस माइक्रोस्कोप नहीं है कि उसकी मदद से उसमें लिखे शब्दों का पता लग सके।
डॉक्टर ने कहा, यदि आप कुछ इंतजाम कर सको तो इसका पता लगाया जा सकता है। सिबी टॉम ने फिर जुगाड़ करके हाई रेजोल्यूशन के कैमरे का इंतजाम कर लिया। इसके बाद इसकी मदद से पता लगाया गया कि स्क्रू वॉशर पर 'पितकार' लिखा है। इसी के साथ इस प्रोडक्ट का बैच नंबर भी लिखा था।
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पुणे की कंपनी के एर्नाकुलम में डिलीवर हुए थे 6 स्क्रू वॉशर
‘पितकार’ पुणे बेस्ड एक कंपनी है जो सर्जरी का सामान बनाती है। अब इस कंपनी और उसके क्लाइंट्स के बारे में पता लगाना शुरू किया गया। सिबी टॉम को पता चला कि पितकार की केरल में केवल एक ही ब्रांच है और वही पूरे केरल में सर्जिकल सामान सप्लाई करती है।
इत्तेफाक से यह ब्रांच एर्नाकुलम में ही निकली। सिबी टॉम अपनी टीम के साथ पुणे पहुंचे और कंपनी के स्टाफ से पूछताछ की। मैनेजर ने कहा, हम सालों से सर्जिकल सामान की डील कर रहे हैं और यदि आपके पास कोई और जानकारी हो तो बताएं,
क्योंकि ऐसे पता लगाना कि हमने यह सामान कब और किसे बेचा था, मुश्किल है। तब सिबी टॉम ने बताया कि यह कत्ल सितंबर 2016 से पहले हुआ है। उन्होंने 2016 की सारी जानकारी मांगी।
फिर ब्रांच ने सारा डाटा खंगाला और इस दौरान पता चला कि कुल 161 स्क्रू वॉशर की डिलीवरी उनके यहां से हुई थी, जिनमें से 155 स्क्रू वॉशर महाराष्ट्र और गुजरात में डिलीवर हुए थे। बाकी के छह स्क्रू वॉशर एर्नाकुलम के आस-पास के इलाकों में डिलीवर हुए थे।
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शव 54 साल की शकुंतला का था
पुलिस की अलग-अलग टीमें इन छह पेशेंट्स के घर पहुंची। पांच पेशेंट तो आसानी से मिल गए, पर उन्हें एक पेशेंट नहीं मिल रहा था। वह थीं 54 साल की शकुंतला। पुलिस फिर उस हॉस्पिटल पहुंची, जहां शकुंतला का आपरेशन हुआ था।
वहां का सारा डाटा खंगाला गया, लेकिन शकुंतला के नाम के अलावा उन्हें वहां कोई जानकारी नहीं मिली, लेकिन विजिटर्स बुक में पुलिस को एक महिला का नाम कई बार दिखा, जो शकुंतला से मिलने आती रहती थी। और यह महिला थी अस्वती दामोदरम।
उसका एड्रेस भी वहां लिखा था। पुलिस फिर अस्वती के घर पहुंची। वहां उन्होंने अस्वती से शकुंतला के बारे में पूछा। अस्वती ने बताया कि शकुंतला उसकी मां है और उसकी मां से अब बात नहीं होती। सितंबर 2016 से मां लापता है।
पुलिस ने पूछा, अगर आपकी मां लापता है तो आपने रिपोर्ट क्यों नहीं लिखवाई। अस्वती ने कहा, हमारी आपस में नहीं बनती थी और वह मुझसे बात करें या ना करें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरा उनसे कोई मतलब नहीं है।
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अस्वती की बातें सुन दंग रह गई पुलिस, हादसे में मारी गई थी शकुंतला
पुलिस अस्वती की ये बातें सुनकर दंग रह गई। पुलिस को इसी के साथ उस पर शक भी हुआ, इसलिए उन्होंने जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ में एक कहानी सामने आई। पता चला कि अस्वती एक लड़के से प्यार करती थी। शकुंतला को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।
फिर भी बेटी ने भागकर उस लड़के से शादी कर ली थी, जिसके बाद दोनों के दो बच्चे हुए, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा नहीं चल सका और दोनों ने 2016 में एक दूसरे को तलाक दे दिया। उधर, शकुंतला भी अपने पति से अलग एक किराए के घर में रहती थी।
वह लॉटरी के टिकट बेचकर गुजारा करती थी। तलाक के बाद अस्वती अपनी मां के साथ ही रहने लगी। इन्हीं दिनों शकुंतला अस्वती की स्कूटी से कहीं जा रही थी, तभी रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया और आस-पास के लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया। शुकुंतला की एंकल सर्जरी हुई।
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बेटी अस्वती का सजीत नामक युवक से अफेयर हो गया
अस्वती का इस बीच सजीत नामक एक युवक से अफेयर शुरू हो गया और उसने उस लड़के से शादी कर ली। अब सजीत भी उनके साथ उन्हीं के घर में रहने लगा था। कुछ दिन बाद शकुंतला को चिकन पॉक्स हो गया, जिस कारण अस्वती थोड़े दिन के लिए बच्चों को लेकर पास के लॉज में रहने चली गई
ताकि चिकनपॉक्स उसे या उसके बच्चों को न हो जाए। पर सजीत अभी भी अस्वती के घर उसकी मांग के साथ ही रह रहा था। जब कुछ दिन बाद अस्वती लौटकर आई तो उसने सजीत से पूछा कि मां कहां है। सजीत ने बताया कि शकुंतला अपनी दोस्तों के पास दिल्ली चली गई है। इसके बाद का मुझे नहीं पता कि अब वह कहां हैं।
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हार्ट अटैक से सजीत की मौत हो गई
पुलिस ने फिर अस्वती से पूछा कि तुम्हारा पति सजीत कहां है? अस्वती ने बताया कि जिस दिन उसे मां के बारे में पता चला कि वे दिल्ली चली गई हैं, उसी के अगले दिन हार्टअटैक से सजीत की भी मौत हो गई थी। पुलिस को यह बात काफी अटपटी लगी,
इसलिए उन्होंने ये बात उस अस्पताल से भी कंफर्म की जहां सजीत को इलाज के लिए ले जाया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि हां सच में सजीत की मौत हार्ट अटैक से ही हुई थी। अब फिर पुलिस के लिए ये केस और भी पेचीदा हो गया।
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पहले से विवाहित था सजीत, अस्वती संग लिव-इन रिलेशन रह रहा था
पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ शुरू की तो पता चला कि सजीत पहले से शादीशुदा था और उसकी एक पत्नी भी है। जबकि, अस्वती के साथ वह सिर्फ लिव-इन रिलेशन में रहता था। पुलिस ने किसी तरह सजीत की पहली पत्नी सरिगा का पता लगाया तो उन्हें नई कहानी पता चली।
सरिगा ने बताया कि उसकी व सजीत की शादी को आठ साल हो गए थे और उन्हें कोई बच्चा नहीं हुआ। सजीत को बच्चों से काफी लगाव था, इसलिए उसका अफेयर अस्वती से शुरू हो गया। इस बात का पता जब सरिगा को लगा तो सजीत ने उसे यह कहकर मना लिया कि अस्वती की देखरेख के लिए कोई भी नहीं है और ऐसे में हमें उसे सहारा देना चाहिए।
इससे उन्हें भी बच्चों का सुख मिल जाएगा। सरिगा भी इस बात के लिए मान गई और उसने अस्वती के साथ सजीत के अफेयर को मंजूरी दे दी, लेकिन जब इस बात का पता शकुंतला को लगा तो वह काफी गुस्से में आ गई। उसने कहा कि वह इस बारे में अपनी बेटी को बता देगी।
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शकुंतला ने दी थी सजीत को बेटी व अपनी नाती-नातिन से दूर करने की धमकी, दोस्तों से मिली ड्रम की जानकारी
सरिगा ने कहा, मैं और मेरे पति शकुंतला को समझाने के लिए उनके घर भी गए। उस समय अस्वती एक लॉज में ही रह रही थी। लेकिन शकुंतला हमारी बात नहीं मानी। उसने कहा, मैं अपनी बेटी और नाती-नातिन से तुन्हें दूर करके ही रहूंगी।
सरिगा ने बताया कि इसके बाद मैं घर आ गई। उसने कहा, मुझे फिर आगे कुछ नहीं पता, क्योंकि अगले दिन तो हार्टअटैक से मेरे ही पति की मौत हो गई। फिर पुलिस ने सजीत के दोस्तों से भी पूछताछ की।
एक दोस्त ने बताया, सजीत ने पानी की स्टोरेज के लिए उससे एक नीले रंग का ड्रम मंगवाया था। वहीं, तीन दोस्तों ने भी बताया कि उन्होंने सजीत को किसी नीले ड्रम में कुछ डालते हुए देखा था।
इसी से पुलिस ने पूरे मामले को सॉल्व किया। सिबी टॉम के मुताबिक, सजीत को डर था कि जब शकुंतला अस्वती को उसकी सच्चाई बताएगी तो वह उसे छोड़ देगी और अपने बच्चों से भी नहीं मिलने देगी, इसलिए सजीत ने ही शकुंतला का मर्डर कर दिया।
लेकिन उसे इस मर्डर का इतना अफसोस हुआ कि उसने खुद ही केमिकल खाकर आत्महत्या कर ली। जैसे ही उसने केमिकल खाया, उसे हार्टअटैक आ गया और इससे अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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