कैथल (Kaithal Millionaire Farmer Award): भारतीय कृषि अनुसंधान परिसद के पूसा नई दिल्ली स्थित संस्थान देश भर से कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले वाले, खेती की समस्याओं का समाधान खोजने वाले नवीनमेषी किसानों को सम्मानित किया जाएगा।
समस्त भारत से नवीनमेषी किसानों का चयन किया गया। हरियाणा के कैथल जिले के किसान ईश्वर सिंह कुंडु कि खोज को इस सम्मेलन में सम्मान के लिए हेतु चुना गया है। जानकारी देते हुए ईश्वर कुंडू ने बताया की सम्मान समारोह 6 व 7 दिसंबर को आयोजित होगा।
कमाल फॉर्मूला बना डाला
ज्ञातव्य है कि कलायत उपमंडल के गांव कैलरम के किसान ईश्वर कुंडु ने केवल दसवीं तक ही शिक्षित होने के बावजूद बेहद सीमित संसाधनों के साथ कृषि क्षेत्र के लिए कई खोजें की हैं। भारत की कृषि को जहर मुक्त करने, किसान का खर्च कम करने, पैदावार बढ़ाने की दिशा में लगभग एक दशक तक शोध किए।
उन्होंने अपनी खोज व विचार को केवल भारत ही नहीं बल्कि विदेशों तक जाकर साबित किया कि हम बिना जहरीले रसायनों के भी खेती कर सकते हैं। इससे न केवल किसान कि लागत घटी, मुनाफा बढ़ा बल्कि उपभोक्ता को भी जहर मुक्त भोजन उपलब्ध हो इसके लिए अतुलनीय प्रयास किए।
देश-विदेश में गूंजा नाम
उन्होंने वर्ष 2004 में प्रथम फार्मूले की खोज की जिसे किसानों ने ही कमाल नाम दे दिया। उनकी खोज को पंजाब कृषि विश्व विद्यालय लुधियाना, कृषि विज्ञान केंद्र कैथल और सिंजेंटा जैसे अंतर्राष्ट्रीय संस्थान ने भी छह राज्यों में परीक्षण किए जिससे 21 प्रतिशत तक पैदावार में वृद्धि पाई गई।
उनके उत्पाद ने लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड, इंडिया बुक आफ रिकॉर्ड सहित चार बार रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करवाए हैं। इस किसान कि खोज पेटेंट गजट में प्रकाशित हो चुकी है। नवोनमेषी किसान ईश्वर कुंडू को राष्ट्रपति भवन में भी कई दिन राष्ट्रपति के मेहमान के तौर पर निवास का अवसर मिल चुका है।
आज इस किसान कि खोज जो कमाल के नाम से देशभर के किसानों के मध्य लोकप्रिय हो चुकी है। इसकी बदौलत कैथल जिले का नाम दुनिया भर में गूंज रहा है। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम से लेकर श्री रामनाथ कोविन्द तक ने किसान की खोज को सम्मान दिया।













